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Why are the opponents of the space industry accusing Elon Musk (Space X) of monopoly in space?

elon musk Space X
elon musk
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So friends, in today’s article, we will try to know why SPACE X owner elon musk is being accused of creating monopoly in the space industry, let’s know what is the reason for this and why the COMPETITOR of the space industry is making this accusation Huh ?
Leon Musk’s company SPACE X recently launched a lot of successful space missions, one of which is

SPACE X Missions


In which he had created a program to collect information about the space by sending a space ship by falcon engine which was successful.
And another

Star link constellation program

There is a program in which a plan is being made to connect the whole world to the Internet by sending a lot of satellites, broadband service will be provided to the whole world from space, which will make the speed and connectivity of the internet quite good.


Net worth of Elon Musk

Elon Musk currently has a network of 150 billion-dollar jo ki is sufficient for all his missions and he has no shortage of funds to complete his mission.

Star link Constellation Mission

Elon Musk has a dream project and he wants to complete it at any cost, due to his determination that his mission is becoming successful and he is going ahead in the speech industry. But rivals see a problem in this because they feel that if Elon Musk continues to do the mission in the same way, toh space will start to create monopoly in the space industry which is currently monopoly.

Which are competitors in the space industry?

Stephen Israel, Arian space, and Lots of Private Companies in the Space Industry. He issued an alert stating that Elon Musk is doing the De fecto Monopolization in the Space Industry.


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Why is the space industry’s rival suddenly worried like this?


This is because the star link constellation mission


Elon Musk’s Space Mission Star Link constellation mission has been approved by the US Federal communication Commission and now they will launch a lot of satellites in a low amount of low orbit which is going to benefit them a lot.
Under the Star link constellation mission, all the countries of the world have to provide broadband service through the same internet system which will be provided by the satellite to be launched under this mission. There are a lot of satellites to be launched, right now 1677 satellite launches Have been done and have been approved by the Federal Communications Commission to launch further satellite.

What allegations are being made against Elon Musk


Elon Musk is being accused of creating a monopoly for the space industry. Stephan isreal gave a statement in the United Nations conference in Geneva that
There should not be monopolization in

1-space industry. All mankind has the right over space and anyone can access it.
2- We should build a sustainable system for a long time so at least satellite should be launched in low orbit over the earth.
3-He has alleged that 1677 satellites have been launched under the Star Link constellation mission and if they are compared to the launched satellites on space since 1957, then about 35% of the satellite by elon musk company Have been launched and if 50 kilograms of satellites are also added, the total contribution is 50 percent meaning that Elon Musk owns 50% of the space industry which represents a monopoly and never monopolization of this kind Should be done.
The Royal Astronautical Society has given a statement that the launch of such a mission will have the following effects: A clear image of the sky will not be detected and will have a negative impact.

How has Elon Musk’s mission impacted


Even after so many pressures and accusations Elon Musk’s mission has had no effect. The Star Link constellation mission is working fairly quickly and has expressed a desire for further Mars missions. Falcon 9 for Sterling Constellation Mission The booster is being shifted from Florida to California.

Space इंडस्ट्री के प्रतिद्वंदी Elon Musk पर मोनोपोली in space का आरोप क्यों लगा रहे हैं ?

Read this article in hindi

तो दोस्तों आज के आर्टिकल में हम जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर क्यों स्पेसएक्स SPACE X  के ऊपर आरोप लग रहा है कि वह स्पेस इंडस्ट्री में मोनोपोली क्रिएट कर रहे हैं चलिए जानते हैं इसकी क्या वजह है और क्यों स्पेस इंडस्ट्री के COMPETETIOR यह आरोप लगा रहे हैं ?

Leon Musk की कंपनी स्पेसएक्स SPACE X ne हाल ही में काफी सारे सक्सेसफुल स्पेस मिशन लॉन्च किए थे जिसमें से एक है

 स्पेसएक्स SPACE X के मिशन

जिसमें उसने falcon इंजन के द्वारा स्पेस शिप भेजकर स्पेस के बारे में जानकारी collect करने के लिए एक प्रोग्राम बनाया था जो कि सक्सेसफुल हुआ था

और दूसरा

स्टार लिंक कांस्टेलेशन प्रोग्राम

 एक ऐसा प्रोग्राम है जिसमें काफी सारे सेटेलाइट भेज कर पूरे वर्ल्ड को इंटरनेट से कनेक्ट करने की योजना बनाई जा रही है , space से ब्रॉडबैंड सर्विस पूरे वर्ल्ड को provide की जाएगी जिससे इंटरनेट की स्पीड और कनेक्टिविटी काफी अच्छी हो जाएगी I

नेट वर्थ ऑफ़ एलन मस्क

एलन मस्क के पास वर्तमान में नेटवर्क 150 billion-dollar है jo ki  उसके सभी मिशन के लिए पर्याप्त राशि है और उसे अपने मिशन को पूरा करने के लिए धन की कोई कमी नहीं है I

स्टारलिंग कांस्टेलेशन मिशन

 एलन मस्क का ड्रीम प्रोजेक्ट है और वह इसे किसी भी कीमत पर पूरा करना चाहते हैं इनके इसी दृढ़ निश्चय के कारण उनके मिशन सक्सेसफुल होते आ रहे हैं और वह स्पीच इंडस्ट्री में काफी आगे बढ़ते जा रहे हैं I

मगर प्रतिद्वंद्वियों को इसमें प्रॉब्लम नजर आ रही है क्योंकि उन्हें लगता है की अगर एलन मस्क लगातार इसी तरह से मिशन करते रहे toh space स्पेस इंडस्ट्री में मोनोपोली क्रिएट करने लगेंगे जो कि वर्तमान में मोनोपोली चालू हो गई है

स्पेस इंडस्ट्री में कौन-कौन से कंप्यूटर हैं प्रतिद्वंदी हैं

स्टीफन इजराइल, एरियनस्पेस ,एंड लॉट्स ऑफ़ प्राइवेट कंपनी इन स्पेस इंडस्ट्री I  इन्होंने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि एलन मस्क स्पेस इंडस्ट्री में डिफेक्टो  मोनोपलाइजेशन कर रहे हैं

अचानक से इस तरह से स्पेस इंडस्ट्री के प्रतिद्वंदी परेशान क्यों है ?

इसकी वजह है स्टार लिंक constellation mission

 ह एलन मस्क के स्पेस मिशन स्टार लिंक constellation mission  ko  यूएस की फेडरल पब्लिकेशन कमीशन द्वारा मंजूरी मिल गई है और अब वे काफी मात्रा में लो ऑर्बिट में काफी सारे सैटेलाइट लॉन्च करेंगे जो उन्हें काफी फायदा पहुंचाने वाला है I

Star link constellation मिशन के अंतर्गत विश्व के सभी देशों को एक ही इंटरनेट सिस्टम के जरिए ब्रॉडबैंड सर्विस प्रोवाइड करना है जोकि इस मिशन के अंतर्गत लॉन्च किए जाने वाले सेटेलाइट के द्वारा प्रोवाइड की जाएगी इसमें काफी सारे सैटेलाइट लॉन्च किए जाने हैं अभी फिलहाल 1677 सैटेलाइट लॉन्च किए जा चुके हैं और आगे के सेटेलाइट को लांच करने के लिए फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन द्वारा मंजूरी मिल गई है I

एलन मस्क के ऊपर क्या क्या आरोप लगाए जा रहे हैं

एलन मस्क को स्पेस इंडस्ट्री के लिए monopoly क्रिएट करने का आरोप लगाया जा रहा है I stphane isreal ने जिनेवा में होने वाली यूनाइटेड नेशन कॉन्फ्रेंस में अपना एक स्टेटमेंट दिया है कि

1-स्पेस इंडस्ट्री में मोनोपलाइजेशन नहीं होना चाहिए स्पेस पर सभी मानव जाति का अधिकार है और कोई भी इसे एक्सेस कर सकता है

2-हमें एक लंबे समय के लिए सस्टेनेबल सिस्टम को बनाना चाहिए इसलिए पृथ्वी के ऊपर लो orbit में कम से कम सेटेलाइट लांच किया जाना चाहिए

3-उन्होंने यह आरोप लगाया है कि स्टार लिंक कांस्टेलेशन मिशन के तहत 1677 सैटेलाइट लॉन्च किए जा चुके हैं और अगर इनकी तुलना स्पेस पर 1957 से अब तक किए गए लांच किए गए सेटेलाइट से की जाए तो लगभग 35% सेटेलाइट elon musk कंपनी के द्वारा लांच किए गए हैं और अगर 50 किलोग्राम के सेटेलाइट्स को भी मिला दिया जाए तो टोटल कंट्रीब्यूशन 50 परसेंट का हो जाता है मतलब एलन मस्क स्पेस इंडस्ट्री में 50% के मालिक हैं जो कि एक मोनोपलाइजेशन को दर्शाता है और इस तरह का मोनोपलाइजेशन कभी भी नहीं किया जाना चाहिए I

रॉयल एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ने एक बयान दिया है कि इस तरह के मिशन लॉन्च होने से निम्नलिखित प्रभाव पड़ेंगे आकाश की क्लियर इमेज को नहीं पहचाना जा सकेगा और इस पर नेगेटिव इंपैक्ट पड़ेगा

एलन मस्क के मिशन पर क्या प्रभाव पड़ा है

इतने सारे प्रेशर और आरोप लगाए जाने के बाद भी एलन मस्क के मिशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है I स्टार लिंक constellation  मिशन काफी तेजी से काम कर रहा है और उसने आगे मंगल मिशन के लिए इच्छा जाहिर की है स्टर्लिंग कांस्टेलेशन मिशन के लिए फॉल्कन 9 बूस्टर को फ्लोरिडा से कैलिफोर्निया शिफ्ट किया जा रहा है I

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) क्या है?क्या एप्लीकेशंस है?

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन Robotics Process Automation

हेलो दोस्तों आज के आर्टिकल में हम जानेंगे “रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation)“ के बारे में

दोस्तों  हम जानते हैं कि विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है और हर एक फील्ड में नई-नई तकनीकों ने जीवन को बहुत आसान बना दिया है इन्हीं में से एक टेक्निक है  रोबोटिक हमारे जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है और धीरे-धीरे हर चीज ऑटोमेटेड होते जा रही है इस ऑटोमेशन के पीछे की वजह है रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन और मशीन लर्निंग आज हम इसके बारे में बहुत ही विस्तार से चर्चा करेंगे

आर्टिकल में हम जानेंगे रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन क्या है, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन का एब्ल्यूशंस कैसे होगा, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन के क्या एप्लीकेशंस है ,रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन के 6 step क्या-क्या है ?

What is रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) ?

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस and  मशीन लर्निंग की मदद से बार-बार रिपीट होने वाले task  को कंप्लीट करने के लिए बनाया गया एक प्रोग्राम है

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन टेक्निक आने के पहले इस प्रकार के कार्यों को मैनुअली किया जाता था जिसमें काफी सारा मैन पावर और समय लगता था और वस्तुओं के प्रोडक्शन में ज्यादा खर्चा आता था मगर अब रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन तकनीक की मदद से रिपीट होने वाले task ko  कम खर्चे में ज्यादा उत्पादन किया जा सकता है I

>इन कार्यों में रिकॉर्ड और लेनदेन (transactions) की queries,  calculations और रखरखाव शामिल हो सकते हैं

>रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) तकनीक, जिसे कभी-कभी सॉफ़्टवेयर रोबोट कहा जाता है या बॉट, एक मानव कार्यकर्ता की नकल करता है, लॉग इन करता है एप्लिकेशन, डेटा दर्ज करना, गणना करना और पूरा करना कार्य और लॉग आउट।

> अगर आप सोच रहे हैं कि रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर  Organization के  IT इंफ्रास्ट्रक्चर का पार्ट है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है ,यह सॉफ्टवेयर आईटी इन्फ्राट्रक्चर के भी ऊपर होता है I यह सॉफ्टवेयर किसी भी कंपनी में एक विशेष प्रकार की टेक्नोलॉजी को इनेबल करने के लिए और इंप्लीमेंट करने के लिए यूज़ किया जाता है, बिना किसी एनवायरमेंट और पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर को चेंज किए  I

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) का एवोल्यूशन –

-रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 2000 में किया गया था, सन 2000 के बाद लगातार रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन में काफी विकास होता आया है I

-रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन का evolution तीन टेक्निक को मिलाकर हुआ है स्क्रीन  स्क्रेपिंग ,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वर्कफ्लो ऑटोमेशन I

स्क्रीन  स्क्रेपिंग

 

किसी एप्लिकेशन की डिस्प्ले स्क्रीन के डेटा को कॉपी करके किसी के लिए स्क्रीन प्रति डिस्प्ले करने के लिए अनुवाद करने की प्रक्रिया स्क्रीन स्क्रैपिंग कहते हैं

वर्कफ्लो ऑटोमेशन

ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो मैनुअल डाटा एंट्री को कम करते हैं और ऑटोमेशन टेक्निक का प्रयोग करके प्रोडक्शन को बढ़ाते हैं, वर्कफ्लो ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके accuracy ,स्पीड और एफिशिएंसी को बढ़ाया जा सकता है I

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

तकनीक होती है जिस्में किसी टास्क को करने के लिए मनुष्य की तरह है सोचने और समझने की क्षमता होती है, इस प्रकर की तकनीक में पिचली गलतियो से सिख कर फ्यूचर में आने वाले टास्क को सही तारिके से करने के लिए मशीन है करने की क्षमता को विकसित किया जा सके I

 

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) के लाभ

रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन तकनीक मदद कर सकती है

निम्नलिखित कार्य में:

¢ 1) बेहतर ग्राहक सेवा सक्षम करना।

¢ 2) नियमों और मानकों का पालन करने के लिए व्यावसायिक संचालन और प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करना।

¢ 3) प्रक्रियाओं को और अधिक पूरा करने की अनुमति देना

तेजी से।

4) डेटा को संसाधित करने के लिए डिजिटल और ऑडिटिंग करके यह दक्षता में सुधार कर सकता है

5) मैनुअल और रिपीटिंग टास्क में होने वाले खर्चे को काम करना

कार्य।

6) कर्मचारियों को अधिक उत्पादक बनाने में सक्षम बनाना।

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) के application

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) के कुछ शीर्ष अनुप्रयोगों में शामिल हैं:

ग्राहक सेवा: रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) कंपनियों को बेहतर पेशकश करने में मदद कर सकता है

संपर्क केंद्र कार्यों को स्वचालित करके ग्राहक सेवा,

ई-हस्ताक्षर सत्यापित करने,स्कैन karke  अपलोड karna , दस्तावेज़ ko varify karna  , Approval या rejection karna

Accounting : संगठन सामान्य के लिए रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) का उपयोग कर सकते हैं

लेखांकन, परिचालन लेखांकन, लेनदेन संबंधी,रिपोर्टिंग और बजट।

वित्तीय सेवाएं: वित्तीय सेवाओं में कंपनियां उद्योग विदेशी मुद्रा भुगतान के लिए रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) का उपयोग कर सकते हैं,खाता खोलने और बंद करने को स्वचालित करना, प्रबंधन करना ऑडिट अनुरोध और बीमा दावों को संसाधित करना।

स्वास्थ्य सेवा: चिकित्सा संगठन रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) का उपयोग निम्न के लिए कर सकते हैं

रोगी के रिकॉर्ड, दावों, ग्राहक सहायता को संभालना,खाता प्रबंधन, बिलिंग,रिपोर्टिंग और विश्लेषण।

मानव संसाधन: रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) मानव संसाधन कार्यों को स्वचालित कर सकता है,

ऑनबोर्डिंग और ऑफबोर्डिंग सहित, अपडेट करना ,कर्मचारी जानकारी और टाइमशीट सबमिशन प्रक्रियाएं।

आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन: रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) का उपयोग के लिए किया जा सकता है

खरीद, स्वचालित आदेश प्रसंस्करण और भुगतान, इन्वेंट्री स्तर की निगरानी और ट्रैकिंग rakhna.

 

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) और Regular automation  के बीच अंतर?

Lets know  कैसे रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) traditional आईटी automation  से अलग है ?

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर ऐसे ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर होते हैं जो किसी भी प्रकार के अडॉप्टेबल और चेंजेबल सरकमस्टेंस में खुद को एडजस्ट करके आगे के task को कंप्लीट करते हैं I

जब रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर को किसी सिस्टम में पहले से मौजूद एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के डाटा प्रोसेस को इंटरप्रेट करने और एनालिसिस करने के लिए ट्रेंड किया जाता है तो ,रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर मौजूदा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के डाटा को मैनिपुलेट करके, रिस्पांस को ट्रिगर करके दूसरे सिस्टम के साथ कम्युनिकेट कर सकता है

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation)स सॉफ्टवेयर का उपयोग ऐसे ऑर्गेनाइजेशन में किया जाता है जहां पर काफी सारे डिफरेंट डिफरेंट प्रकार के और बहुत ही डिफिकल्ट सिस्टम सोता है तो रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर इस प्रकार के सिस्टम को आपस में इंटीग्रेट करके एक दूसरे SE कम्युनिकेट करके प्रोसेस को सरल बनाता है I

हम एक एग्जांपल से रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर की वर्किंग मैथोलॉजी को समझने की कोशिश करते हैं

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन Robotics Process Automation
रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन Robotics Process Automation

फॉर एग्जांपल ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट मैं जब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फॉर्म भरा जाता है और मान लीजिए कि उसमें अगर जिप कोड मिसिंग है तो आजकल जो ट्रेडिशनल सॉफ्टवेयर चल रहे हैं उन सॉफ्टवेयर की मदद से जिप कोड केरल को करेक्ट करने के लिए मैनुअली जिप कोड एंटर करना पड़ता है जो एक टाइम कंजूमिंग प्रोसेस होता है लेकिन रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation)स सॉफ्टवेयर में इस प्रकार के एयर को ऑटोमेटिक अली दूर कर दिया जाता है रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर  अपने आप ही जिप कोड को जो कि इसके अंदर पहले से फीड किए गए हैं उसको इंटर कर देता है और फार्म को आगे फॉरवर्ड कर देता है I

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) टेक्नोलॉजी एक बहुत ही एडवांस टेक्नोलॉजी होती है जिसमें किसी भी कास्ट को अपने आप ठीक करने फ्यूचर के लिए डिवेलप करने और पिछली गलतियों से सीख कर उसे रिपीट ना होने देना के लिए  नए प्रोग्राम डिवेलप करने की क्षमता होती है I

टॉप रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) वेंडर

तो दोस्तों आप को ऐसे ऑर्गेनाइजेशन के बारे में बताना चाह रहा हूं ,जो रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation)स सर्विस प्रोवाइड करते हैं और वर्ल्ड में उनका काफी अच्छा नाम है इनके बारे में नीचे एक-एक करके जानकारी दे रहा हूं I

Automation Anywhere Inc.

एक उद्यम प्रदान करता है ,डिजिटल वर्कफोर्स प्लेटफॉर्म प्रोक्योर-टू-पे, कोट-टू-कैश, एचआर, क्लेम प्रोसेसिंग और अन्य बैक-ऑफिस प्रक्रियाएं ।

Blue Prism

centers around giving associations in managed businesses with more spry virtual labor forces, offering work area adjusted robots that are characterized and overseen halfway.

EdgeVerve Limited,

an Infosys organization, makes a difference undertakings modernize client care, improve business cycles and improve operational efficiency

 

Help Systems

empowers organizations to smooth out IT also, business activities via mechanizing assignments and work processes without the need to compose code.

 

UiPath

https://g.co/kgs/qJ89z4

offers an open stage to help associations effectively mechanize business measures.

 

¢ Workfusion

 

consolidates mechanical technology, AI-fueled,psychological mechanization and labor force coordination to mechanize undertaking business measures.

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation)स सॉफ्टवेयर लेने से पहले क्या क्या चेक करनी चाहिए ?

SCALABILITY-

किसी भी ऑर्गेनाइजेशन को रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर्स लेने से पहले उसकी स्केलेबिलिटी को चेक करना चाहिए कहने का मतलब है कि ऐसे रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर्स का ऑर्डर करना चाहिए जो पूरे सिस्टम को सेंट्रलाइज करके मैसिवली स्केल कर सके मतलब सिस्टम के प्रत्येक कंप्लेंट को स्केल कर सके एनालाइज कर स SAKE I ऐसे रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर बिल्कुल ना लें JO system ko  केवल रोबोटिक टेक्निक ऑफर करें

SPEED

ऑर्गेनाइजेशंस को ऐस रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर का प्रयोग करना चाहिए जिनकी स्पीड काफी अच्छी हो स्पीड का मतलब होता है कि जो ऑटोमेशन प्रोसेस है वह घंटे से भी कम समय में कंप्लीट की जा सके और अगर कोई नया का सिस्टम में इंप्लीमेंट किया गया है तो उसे जल्दी से जल्दी समझ कर रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर उसके अनुसार काम कर सके I

RELIABILITY-

आजकल की कंपनियां ऐसे रोबोट को विकसित करने में लगी है जो एक ही समय पर काफी सारे काम कर सकें, तो ऐसे रोबोट्स में ऐसे रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर का उपयोग करना चाहिए जो जिनमें BUILT IN मॉनिटरिंग और एनालिटिक्स करने की क्षमता हो ताकि सिस्टम का मॉनिटरिंग एनवायरमेंट चुस्त रहे I

SIMPLICITY-

ऐसे रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर्स का प्रयोग करना चाहिए जो यूजर फ्रेंडली हो कहने का मतलब है कि जिसे बहुत ही आसानी से बनाया जा सके और यूजर के समझ में आए ताकि वह इसके डाटा  को निकाल कर बिजनेस परपज को सॉल्व करने और उसे बढ़ाने में प्रयोग कर सकें

 

INTELLIGENCE

सर्वोत्तम रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) उपकरण सरल कार्य-आधारित गतिविधियों का समर्थन कर सकते हैं,किसी भी डेटा स्रोत को पढ़ें और लिखें,और स्वचालन को और बेहतर बनाने के लिए अधिक उन्नत शिक्षण का लाभ उठाएं।

सी-लेवल निर्णय-रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) के आसपास

¢ हालांकि ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर की जगह लेने की उम्मीद ह 2025 तक दुनिया भर में 140 मिलियन पूर्णकालिक कर्मचारी, उन लोगों के लिए कई उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां सृजित की जाएंगी रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) सॉफ्टवेयर को बनाए रखना और सुधारना।

 

¢ जब सॉफ्टवेयर रोबोट लोगों की जगह लेते हैं

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन Robotics Process Automation
रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन Robotics Process Automation

उद्यम, सी-स्तर के अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार होने की आवश्यकता है यह सुनिश्चित करना कि व्यावसायिक परिणाम प्राप्त हों और नए हों शासन की नीतियों को पूरा किया जाता है।

रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन प्रौद्योगिकी की भी आवश्यकता है

कि सीटीओ/सीआईओ अधिक नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं और व्यावसायिक परिणामों के लिए जवाबदेही ग्रहण करें और रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) टूल्स को तैनात करने के जोखिम।

इसके अतिरिक्त, सीओओ, सीआईओ और मुख्य मानव

संसाधन अधिकारी, साथ ही प्रासंगिक सी-स्तर कार्यकारी जो स्वचालित होने की प्रक्रिया का मालिक है, की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में सभी को काम करना चाहिए I एक उद्यम-ग्रेड, नियंत्रित करने के लिए सुरक्षित मंच और सिस्टम में ऑपरेटिंग बॉट ,जहां रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन बाजार बढ़ रहा है

 

ग्लोबल मार्केट इनसाइट्स इंक. की रिपोर्ट में

उम्मीद है कि 2024 तक रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) बाजार 5 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotics Process Automation) प्रौद्योगिकियों को किसके द्वारा अपनाया जाना संगठन अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए और कथित तौर पर प्रदर्शन और लागत बचत को बढ़ावा देगा I रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन के विकास को गति दें ,उस दौरान सबसे ज्यादा बाजार।

Related FAQ?

 

 

 

 

 

What are the major differences among RPA tools like Blue Prism, UiPath, Automation Anywhere?

चर्चा में जाने से पहले मेरी ओर से एक सुझाव है। यदि आप आरपीए टूल्स में ऑनलाइन प्रशिक्षण की तलाश में हैं तो क्लाउड फाउंडेशन के लिए जाएं।
उनके बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे एक निःशुल्क पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं।
तो आइए ऊपर बताई गई तकनीकों के लिए बुनियादी बातों का पता लगाएं।
ब्लू प्रिज्म बनाम ऑटोमेशन कहीं भी बनाम यूआई पथ
रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA) सॉफ्टवेयर रोबोट या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कर्स की धारणा पर आधारित बिजनेस प्रोसेस ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी का एक उभरता हुआ रूप है। नीचे ब्लू प्रिज्म, यूआई पाथ और ऑटोमेशन एनीवेयर के बीच तुलना है।
ब्लू प्रिज्म ब्लू प्रिज्म ग्रुप का व्यापारिक नाम है, जो यूके की एक बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर कंपनी है, जिसने लो-रिटर्न, हाई-रिस्क, मैनुअल डेटा एंट्री और प्रोसेसिंग वर्क को खत्म करने के लिए एंटरप्राइज रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर का बीड़ा उठाया है। ब्लू प्रिज्म का मुख्यालय न्यूटन-ले-विलो, मर्सीसाइड, यूके में है और इसके क्षेत्रीय कार्यालय अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में हैं। कंपनी लंदन स्टॉक एक्सचेंज एआईएम बाजार में सूचीबद्ध है
ऑटोमेशन एनीवेयर रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (आरपीए) सॉफ्टवेयर का विकासकर्ता है। कंपनी का उत्पाद, ऑटोमेशन एनीवेयर एंटरप्राइज, उन उद्यमों को पूरा करता है जो सॉफ्टवेयर बॉट्स से बना एक डिजिटल कार्यबल को तैनात करना चाहते हैं जो व्यावसायिक प्रक्रियाओं को शुरू से अंत तक पूरा करते हैं। ऑटोमेशन एनीवेयर एंटरप्राइज पारंपरिक आरपीए को प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और असंरचित डेटा पढ़ने जैसे संज्ञानात्मक तत्वों के साथ जोड़ता है।
UiPath एक वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनी है जो रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA) के लिए एक प्लेटफॉर्म विकसित करती है। 6 मार्च, 2018 को, UiPath को Accel, CapitalG, और Kleiner Perkins Caufield & Byers से 153 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे कंपनी का मूल्य 1.1 बिलियन डॉलर आ गया।
UiPath की स्थापना 2005 में रोमानियाई उद्यमी डेनियल डाइन्स ने की थी। 2015 में, सीड फंडिंग की मदद से, यूआईपाथ ने अपना अंतरराष्ट्रीय विस्तार शुरू किया और लंदन, न्यूयॉर्क, बेंगलुरु, सिंगापुर और टोक्यो में कार्यालय खोले। 2017 में, कंपनी ने 590 कर्मचारियों की सूचना दी और अपने अंतरराष्ट्रीय ग्राहक आधार के करीब होने के लिए अपने मुख्यालय को न्यूयॉर्क में स्थानांतरित कर दिया, जो 2016 में 100 से बढ़कर 700 ग्राहक हो गया।
ये रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA) के बहुत ही महत्वपूर्ण उपकरण हैं और नीचे RPA ब्लू प्रिज्म, Ui Path और Automation के इन तीन टूल्स के बीच का अंतर है

What is the CTC for an RPA tool like Automation Anywhere developer?

While the answer depends on the company and its needs and pockets, I would give the following as a guidance value only.
0–1 years = 3–4 L/y
1–3 years = 4–8 L/y
3–6 years = 8–14 L/y
6–10 years = 14–25 L/y
10–15 years = 25–40 L/y
l=lakh
y= year

Is Blue Prism helpful in the testing field, and would that be beneficial for a tester to move into Blue Prism?

मुझे लगता है कि एक विशेषज्ञ स्वचालन परीक्षक के लिए एक स्वाभाविक विस्तार रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन में प्रवेश करना होगा। स्वचालन परीक्षक स्क्रिप्ट बनाने में अच्छे होते हैं जो परीक्षण मामलों को स्वचालित करते हैं यानी एक गतिविधि को स्वचालित करते हैं और परिणाम को मान्य करते हैं।
आरपीए को ऐसे लोगों की जरूरत है जो परिष्कृत स्क्रिप्ट उर्फ बॉट्स बना सकें जो कुछ कार्य करेंगे। फिर इन बॉट्स को एक बिजनेस प्रोसेस बनाने के लिए एक साथ चिपका दिया जाता है जिसे निष्पादित और मॉनिटर किया जा सकता है।
हालाँकि UiPath और BluePrism जैसे टूल के साथ आपको ज्यादा कोड नहीं करना पड़ता है, लेकिन Automation का ज्ञान आपको एक अच्छी शुरुआत देता है।
संक्षेप में- ब्लूप्रिज्म परीक्षण के लिए उपयोगी नहीं हो सकता है लेकिन निश्चित रूप से आरपीए सीखने के इच्छुक स्वचालन परीक्षकों के लिए।

Which RPA preparing would it be a good idea for me to take, UiPath or Blue Prism?

I would propose that you ought to go for Automation Anywhere. The explanations behind my idea are recorded underneath:
Market Leader, as far as Fortune 500 accomplices. Its accomplice incorporate IBM, Accenture, Deloitte, PwC, KPMG, and so on to give some examples. A large portion of the Fortune 500 organizations are cooperate with AA.
Perhaps the least demanding apparatus to learn for non-designers.
Best intellectual capacities with the utilization ML and NLP.
Most effortless to work with Citrix and SAP climate.
Free Community Edition is accessible.
Most open positions in RPA are on AA stage, when we talk about positions in large corporate.
This is my idea dependent on my experience, however the decision eventually rests with you and you should take the choice dependent on your inclinations.

How might I learn RPA in a quarter of a year and search for a task on RPA. Do we have great freedoms for RPA in IT market?

Indeed, to be exact for your inquiry as you previously limited that you need to learn RPA in 3 months, my idea would you may learn one of the top RPA apparatuses which are very natural and being utilized by numerous hotshots, which are
Blue Prism
UI way
Robotization Anywhere
Robots
Syntel
as RPA is an expansive field and not restricted to simply devices, it is recommended to pick shrewdly as per your field of interest.
furthermore, going to your subsequent inquiry,
Beginning your profession with mechanical cycle mechanization is the awesome thought, there is a tremendous degree for RPA innovations at the present time. you may likewise discover a few

Which is the best RPA affirmation?

The best confirmation right now is UiPath’s RPA engineer testament which is likewise liberated from cost. For additional subtleties look at here http://academy.uipath.com

Where does RPA come up short?

Hi
Good tidings!!
The following are a portion of the constraints of RPA as per my point of view.
Slacking in AI/Cognitive abilities
Goal issues
You can’t peruse/convert manually written contents (Non Electronic Inputs) precisely
Not 100% exact while checking a few occasions

What are the necessities to begin a Robotic Process Automation (RPA) project (UiPath) in the wake of finishing the RPA Developer Advanced Certification?

I’m working in an Aircraft related industry and we have numerous themes/measures that should be computerized with the RPA.
I became acquainted with about the UiPath and the web based preparing programs alongside the affirmation cources that they offer and proposed it to my chief, who assistant currently needs me to become familiar with the RPA, complete the accreditation from UiPath and begin to robotize the cycles here.
I discovered an incredible arrangement about the different trainings that are offered, surmised time span to finish each levels and different accreditation levels through the UiPath site. Notwithstanding, I was unable to find solutions to a portion of the inquiries and I would be happy in the event that you could assist me with it.
After consummation of the ‘RPA engineer Advanced accreditation’ are there some other advances/licenses that must be gotten prior to beginning with the real tasks? assuming this is the case, what are the expenses?
Is there some other guideline, licenses, rules for beginning UiPath projects at Companies?
What are the expenses related with RPA (permitting, login, virtual machines, and so on) Monthly/yearly?
In the UiPath site, it says that the certificate is free until 31st March 2019. What is the expense after this period?
Is there some other factor I need to consider? or on the other hand it is pretty much as straightforward as it looks? (Internet preparing > affirmation > start RPA projects)

Which RPA instrument has more interest, and which one is the most straightforward computerization anyplace or UiPath?

Welcome to RPA world,my companion.
Market interest for RPA is colossal, since organizations began adjusting these tools,the accessibility of occupations is more step by step.
Mechanization Anywhere or UiPath both have interest, that said,Uipath has stood first among these apparatuses and turned into a main supplier of RPA administrations. Its a similar case with Automation Anywhere.
The two instruments offer code less exertion to mechanize business measures upto 80%,the rest 20% is the thing that settles on the choice factor to choose whether you can computerize or not. This relies upon coding abilities of an individual.If you need to master RPA,having coding abilities is obligatory down the http://road.So begin learning the prearranging language that is reasonable for the two instruments

O Transcribe Tutorial: How to Use FREE Transcription Software and Voice to Text to Transcribe Audio

0 transcribe tutorial ii video audio to text converter
O Transcribe
Photo by cottonbro on Pexels.com

 In this article I will teach you about ” O Transcribe O Transcribe Tutorial: How to Use FREE Transcription Software and Voice to Text to Transcribe Audio”. If you are one of my subscribers, you’ll know that a lot of my videos focus on working as a transcriptionist from home. People can become a transcriptionist or transcriber for one of the many different companies that hire worldwide applicants. Other people are freelance transcriptionist for clients they have found on Fiverr or Upwork, or some other freelance website. Regardless of where you get your transcription jobs from.

watch this article on O Transcribe YouTube video

transcribing can be quite tedious and very tiring, especially if you are not a great typist. Additionally, it can be really difficult to listen to an audio or video file and have to constantly stop the file and open up your desired text editor to type out what the video or file is saying. That is why I am going to teach you a method to make transcribing much faster and more streamlined using completely free transcription software and tools. The first thing you will need is to have an audio or video file downloaded on your computer that you want to transcribe.

 You could also have the link to a YouTube video that you want to transcribe as well. If you don’t have the file downloaded, or you need to download it from whatever transcription platform you are working for, make sure to watch my video on how to download audio files from any website. I’ll put the link to this video in the description below.

I also have another tutorial on how to reduce background noise and improve audio quality which may interest you as well. I’d also like to provide you with a gentle reminder that not all transcription platforms approve of downloading audio or video files, so you must use this method at your own discretion. In this tutorial, we’re going to go through four steps to transcribing using free transcription software and tools.

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ब्लॉकचेन (Block chain) kya hai ? Aur kaise kaam karta hai ?

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Blockchain introduction

block chain
block chain

क्या आपने Block chain ब्लॉकचेन का नाम सुना है अगर नहीं सुना है तो कोई बात नहीं है आप बिटकॉइन के बारे में पक्की से जानते होंगे, तो बस ब्लॉक चैन को समझना आपके लिए आसान होगा क्योंकि बिटकॉइन के रिकॉर्ड कीपिंग टेक्नोलॉजी को Blockchain कहते हैं I यह बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी के अलावा बैंकिंग और इन्वेस्टिंग की दूसरी फॉर्म से भी रिलेट करती है
इसलिए बेहतर यही होगा कि आप इसके बारे में जान ले और इसके लिए आपको यह आर्टिकल पूरा देखना होगा तो चलिए शुरू करते हैं I

 

Blockchain ब्लॉकचेन को अच्छी तरह से समझते हैं कि आखिर यह है क्या?

ब्लॉकचेन एक तरह का डेटाबेस होता है बेटा बेस क्या होता है डाटा भी एक तरह का इनफॉरमेशंस का सेट होता है जो कंप्यूटर सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिकली उसको रहता है इस डेटाबेस में इंफॉर्मेशन और डाटा टेबल फॉर्मेट में सेट होते हैं ताकि किसी स्पेसिफिक इंफॉर्मेशन की सर्चिंग और फिल्टरिंग आसानी से की जा सके यूं तो यूं तो इस प्रेस्टीज भी एक टेबल फॉर्मेट में होती है लेकिन डेटाबेस इसलिए होता है
क्योंकि  स्प्रेडशीट एक पार्टिकुलर पर्सन के लिए डिजाइन की जाती है जबकि डेटाबेस का यूज़ कितने भी यूजर एक बार में कर सकते हैं ,ब्लॉकचेन का kam डिजिटल इंफॉर्मेशन को रिकॉर्ड करने और डिसटीब्यूट करने की परमिशन देता है लेकिन एडिट करने कि नहीं

Read also Machine learning II मशीन लर्निंग क्या है और यह कैसे काम करती है?मशीन लर्निंग के क्या-क्या फायदे होते हैं?

 

History of block chain ब्लॉकचेन

यह टेक्नोलॉजी सबसे पहले 1991 में स्टुअर्ट Jabar and W. Scott Stronetta  के द्वारा सामने आई थी मगर ब्लॉकचेन डेटाबेस के रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन 2009 में सामने आई जोकि बिटकॉइन के लॉन्च के साथ सब लोगों को पता चली थी

 

चलिए जानते हैं इसे block chain ब्लॉकचेन  क्यों कहा जाता है?

blockchain information ko ग्रुप में कलेक्ट करता है और इस ग्रुप को ब्लॉक भी कहा जाता है हर एक ब्लॉक में लिमिटेड स्टोरेज कैपेसिटी होती है इसलिए जब एक ब्लॉक भर जाता है तो वह पहले भरे हुए ब्लॉक से जुड़ जाता है जिससे एक चेन बन जाती है जिसे डाटा की चेन कहते हैं
Aur isiliye is blockchain Kaha jata hai.

गूगल सर्च कंसोल (GOOGLE SEARCH CONSOLE )क्या होता है ?और इसका उपयोग करके किस तरह से अपनी वेबसाइट को SEO फ्रेंडली बना सकते हैं?

elements of block chain ब्लॉकचेन and working method of block chain ब्लॉकचेन

yah blockchain Aise block ki chain Hai Jiske andar information store rahti hai , Har block ke pass Pichhle block ka ek Cryptography Hash hota hai

यह hash हर ट्रांजैक्शन पर जनरेट होता है और यह हर ट्रांजैक्शन की एक string होता है
किस टेक्निक में एक ऐसा कनेक्शन होता है जिसमें लेटर और नंबर के इनपुट ko ek fix length ke encrypted output Mein Badalta Hai.

Yah Hash Keval transaction per depend nahin karta hai balki usse pahle Bane transaction HASH Is per bhi depend karta hai.

अगर ट्रांजैक्शन में एक छोटा भी चेंज किया जाए तो नया Hash बन जाता है इसका मतलब है कि अगर ब्लॉकचेन के डाटा के साथ कोई भी छेड़छाड़ की जाए तो उसकी सारी सेटिंग गड़बड़ हो जाती है

Aur Is Tarah Se record Mein Hui Hira Feri Ka Pata Lagaya Ja sakta hai इसलिए इस तकनीक को मोस्ट एडवांस और सिक्योर्ड टेक्निक  कहते हैं

यह block chain ब्लॉकचेन बहुत से कंप्यूटर पर स्प्रेड होती है और हर कंप्यूटर के पास ब्लॉकचेन की एक कॉपी होती है इन कंप्यूटर को नोट्स कहते हैं यह नोट्स है उसको चेक करके पता लगाते हैं कि ट्रांजैक्शन में कोई बदलाव तो नहीं हुआ अगर ट्रांजैक्शंस को ज्यादातर नोट्स approve कर देते हैं

तो उस ट्रांजैक्शन को ब्लॉक में लिखा जाता है यह यह नोट्स blockchain ka infrastructure develop Karte Hain.

 

block chain ब्लॉकचेन data ko Store spread aur preserve Karte Hain


एक फूल नोड कंप्यूटर जैसी डिवाइस होती है जो ब्लॉकचेन के ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की एक फूल कॉपी होती है यह ब्लॉकचेन अपने आपको हर 10 मिनट में अपडेट करते हैं

Blockchain ke important element kya hai aur yah Milkar Kaise kam Karte Hai यह जानने के बाद अब आपको बताते हैं

 

बिटकॉइन के लिए block chain ब्लॉकचेन कैसे यूज़फुल है?

block chain
block chain

Bitcoin ke liye blockchain 1 specific type ka database hai Jo Har Bitcoin transaction ko store Rakhta hai .
Bitcoin Jaisi cryptocurrency ko  yah blockchain Bitcoin ke option ko कंप्यूटर के नेटवर्क पर स्प्रेड करता है , जिसकी वजह से इन क्रिप्टोकरेंसीज को बिना किसी सेंट्रल अथॉरिटी के अप्रूवल के स्प्रेड करना पॉसिबल हो जाता है और बड़ी ही आसानी से इस पर ट्रांजैक्शन किया जा सकता है

इन बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी के यूज से बहुत सारे रिस्क कम हो जाते हैं और बहुत सारे बैंकिंग ट्रांजैक्शन फीस और अलग और दूसरे टैक्सेस नहीं देना पड़ता है I
Bitcoin ke blockchain mein jo block hote hain vah monetary data base ko change karte rahte hain

Lekin blockchain cryptocurrencies Ke Data ke alava dusre Tarah Ke Data ko store karne ke liye bhi reliable Hota Hai, ऐसे बहुत से एरिया है जहां पर ब्लॉकचेन यूज़फुल साबित हो सकती है और बहुत सारे इंपॉर्टेंट सेक्टर की सर्विस को बेहतर बनाया जा सकता है

जैसे Jaise banking aur financial sectors ki baat ki Jaaye to insecticid mein 5 days working hota hai Iske bad Saturday aur Sunday of Hota Hai अगर इन 2 दिनों में कोई व्यक्ति अपना बैंकिंग का काम करना चाहे या चेक डिपाजिट करवाना चाहे तो उसे 2 दिन के बाद अपना काम करना पड़ता है

Aur agar aap working days main bhi cheque deposit Karte Hain To transaction Mein Kafi time lag jata hai aise mein banking system mein agar blockchain technique ka use kiya jaaye to banking transaction 10 minut Mein pura Kiya Ja sakta hai

blockchain ke jariye Bank aur Financial institute ke bich banking transaction bahut Teji Se Kiya Ja sakta hai

Medical aur health sector Mein yadi blockchain ka upyog kiya jaaye to patience ke medical record Ho bahut hi Security save kiya Ja sakta hai aur future ke liye use Kiya Ja sakta hai, patient ke medical records Ko Agar blockchain per likha Jaega Toh  तो उनको यह प्रूफ मिलेगा कि उनके मेडिकल रिकॉर्ड को अब  नहीं किया जा सकता है I In records ko blockchain Mein Store karte hue private keys ka prayog Kiya Ja sakta hai jisse ine ki privacy bhi Bani Rah sakti hai.

Health sector ke alava blockchain ka upyog supply chain management aur aur voting system Mein Bhi Kiya Ja sakta hai
सप्लाई चैन सेक्टर में सप्लायर अपने खरीदे हुए मटेरियल का रिकॉर्ड ब्लॉकचेन टेक्निक से स्टोर कर सकते हैं जिससे उन प्रोडक्ट की authenticity को वेरीफाई किया जा सकता है I

Vahi modern voting system mein block chain technique Ka prayog Karke  voting Mein hone wale fraud ko roka Ja sakta hai.Aur blockchain protocol se is voting system Mein transparency bhi Banai Ja sakti hai.

इस प्रकार बहुत से सेक्टर में  blockchain Ka prayog Karke A sector score advance aur user-friendly Banaya Ja sakta hai

 

block chain ब्लॉकचेन  के फायदे के साथ-साथ कुछ नुकसान भी होते हैं

block chain
block chain

 

block chain ब्लॉकचेन ke fayde

Transaction system main accuracy  को इंप्रूव किया जा सकता है
Verification process hatne se  cost ko reduce Kiya Ja sakta hai.
System ko secure aur private bhi Rakha Ja sakta hai

 

block chain ब्लॉकचेन  ki kamiyan

blockchain free Technology Nahin Hai
इसकी स्पीड की वजह से यह प्रति सेकंड लिमिटेड ट्रांजैक्शन ही कर सकती है

block chain ब्लॉकचेन Ka यूज इन लीगल एक्टिविटी में होता रहा है

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) KYA HAI II ISKE FAYDE AUR NUKSAN KYA HAI ?

 

Summery

Tu doston main is article main aapko block chain ब्लॉकचेन
kya hai ?

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) KYA HAI II ISKE FAYDE AUR NUKSAN KYA HAI ?

Artificial intelligence

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) ke bare me is bataunga

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) INTRODUCTION

इसके बारे में तो आपने जरूर सुना होगा और आजकल हम अपने स्मार्टफोन में गूगल मैप और गूगल वॉइस जैसे टूल्स का प्रयोग करते हैं और वास्तविक रूप में इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं इस पूरे ब्रह्मांड में मनुष्य की एक ऐसा जीव है जिसे ईश्वर ने दिमाग देने के साथ उसको सही तरीके से उपयोग करने के लिए कुशलता प्रदान की है 

मनुष्य अपनी बुद्धि और कुशलता से आज कहां से कहां पहुंच गया है अपनी इस बुद्धि के बल पर इंसानों ने कंप्यूटर इंटरनेट स्मार्टफोन जैसे और भी कई सारे आविष्कार किए हैं जिसकी वजह से हम मनुष्य की जिंदगी को एक नई दिशा मिली है टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इंसान ने इतना विकास कर लिया है कि अब उसी की तरह सोचने समझने और अपने दिमाग का इस्तेमाल करने वाला एक चलता फिरता मशीन तैयार करने के बारे में सोच रहा है

 जो बिल्कुल इंसानों की तरह काम करने की क्षमता रखता है उसके पास टेक्नोलॉजी से बनने वाली मशीनों को ही ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )कहा जाता है

लोगों को ज्यादा कुछ नहीं पता इसलिए हम आज आपके लिए इस आर्टिकल में ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )से जुड़ी खास जानकारी लेकर आए हैं इसमें आपको आई क्या है? इसका इस्तेमाल कहां किया जाएगा और इसके क्या फायदे हैं और क्या नुकसान है इन सभी के बारे में बताएंगे ?

 सबसे पहले हम जानेंगे कि ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )होता क्या है

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )हिंदी में कृत्रिम बुद्धिमता कहा जाता है कृत्रिम बुद्धिमता का मतलब है इंटेलिजेंस यानी सोचने की शक्ति I

 एआई कंप्यूटर विज्ञान की एक शाखा है जो ऐसी मशीन को विकसित कर रही है जो इंसान की तरह सोच सके और कार्य कर सकें जब हम किसी कंप्यूटर को इस तरह तैयार करते हैं कि वह मनुष्य की अक्ल मंदी की तरह कार्य कर सकें तो उसे ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )कहते हैं 

अर्थात जब हम किसी मशीन में इस तरह के प्रोग्राम सेट करते हैं कि वह एक मनुष्य की भांति कार्य कर सकें उसे ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )कहा जाता है

 यह जो इंटेलिजेंस की ताकत होती है यह हम मनुष्य के अंदर अपने आप ही बढ़ती है कुछ देख कर खुद चुन कर कुछ ऊपर कि हम यह सोच सकते हैं कि उस चीज के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए ठीक उसी तरह कंप्यूटर यंत्र के अंदर भी एक तरह का इंटेलिजेंस डेवलप्ड जाता है जिसके जरिए कंप्यूटर सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम तैयार किया जाता है जो उन्हें तर्कों के आधार पर चलता हैI 

जिसके आधार पर मानव मस्तिक काम करता है कंप्यूटर साइंस के कुछ वैज्ञानिकों ने एआई की पर research दुनिया के सामने रखी थी जिसमें उन्होंने बताया था कि artificial intelligence कांसेप्ट के थ् द्वारा एक ऐसा कंप्यूटर कंट्रोल्ड मशीन ,ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने की योजना बनाई जा रही है जो वैसा ही सोच सके जैसे कि इंसान का दिमाग होता है I

 मानव सोचने और एनालाइज करने ,याद रखने का काम भी कंप्यूटर की मदद से करवाना चाहता है कंप्यूटर साइंस में एआई को मशीन लर्निंग के नाम से भी जाना जाता है मशीन लर्निंग एआई का एक हिस्सा है जो सिस्टम को अपने अनुभव से अपने आप ही सीखने और खुद को डिवेलप करने की क्षमता देता है और इसमें कंप्यूटर खुद को इंसान की मदद के बिना ही सीखने की टेक्निक डिवेलप करता है I

 मशीन लर्निंग कंप्यूटर प्रोग्राम के डेवलपमेंट के उसको पर फोकस करता है जो डाटा को एक्सेस कर सके और उसमें अपने आप प्रोग्राम को डेवलप कर सके जिस तरह मनुष्य अपने अनुभव से अपने लाइफ को बेहतर करते हैं ठीक उसी प्रकार ऐसे प्रोग्राम बनाए जाते हैं जिसके जरिए मशीन सीखने का काम करते हैं आज के समय में आई और मशीन लर्निंग सबसे ज्यादा पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग किया जा रहा है चलिए

 हम जाने कि जी ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )की शुरुआत किसने की 

जब इंसान कंप्यूटर की असली ताकत की खोज कर रहा था तब मनुष्य के दिमाग में यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या एक मशीन भी इंसान की तरह सो सकती है इसी सवाल से ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )के विकास की शुरुआत हुई इसके पीछे एक ही उद्देश्य था कि एक ऐसा बदमान मशीन की संरचना की जाए जो कि इंसान की तरह ही बुद्धिमान हो और उनकी तरह ही सोचने समझने और सीखने की क्षमता रखता हो I 

HISTORY OF ARTIFICIAL INTELLIGENCE

 1995 में सबसे पहले जॉन mekal  ने ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )शब्द का इस्तेमाल किया था वह एक अमेरिकन कंप्यूटर साइंटिस्ट थे जिन्होंने सबसे पहले इस टेक्नोलॉजी के बारे में सन 1956 में एक कॉन्फ्रेंस पर बताया था इसलिए उन्हें फादर ऑफ ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )कहा जाता है I

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )कोई नहीं है दुनिया भर में इस पर चर्चा हो रही है मैट्रिक्स रोबोट ,Terminator ,ब्लेड रनर जैसी फिल्मों का concepts ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )का ही है

 जहां रोबोट का शुरू किया गया जहां रोबोट किस तरह इंसान की तरह सोचता है और काम करता है और हम जानेंगे कि ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )का उपयोग कहां किया जाता है

 ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )की लोकप्रियता बढ़ी ही जोरों शोरों से बढ़ती जा रही है और आज यह एक ऐसा विषय बन गया है जिसकी टेक्नोलॉजी और बिजनेस के क्षेत्रों में काफी चर्चा हो रही है I

कई विशेषज्ञों और एनालिसिस का मानना है कि मशीन लर्निंग और ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )हमारा भविष्य है लेकिन अगर हम अपने चारों तरफ देखें तो हम पाएंगे कि यह हमारा भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान है टेक्नोलॉजी के विकास के साथ आज हम किसी ना किसी तरह से आई से जुड़े हुए हैं और इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं I

हाल ही में कई कंपनियों ने मशीन लर्निंग पर काफी निवेश किया है इसके कारण कई एप्स और भी प्रोडक्ट लांच हुए हैं 

EXAMPLE OF (ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) 

नंबर 1 आपने एप्पल फोन तो देखा ही होगा इसकी सबसे लोकप्रिय पर्सनल असिस्टेंट के बारे में जरूर सुना होगा श्री एआई का सबसे बेहतरीन उदाहरण है इससे आप बहुत सारी उदाहरण बहुत सारी चीजें हैं जो पहले आप टाइप करते थे कि मैसेज टाइप करना कोई एप्लीकेशन को ओपन करना कॉल करना ऐसे ही आपकी भाषा और सवालों को समझने के लिए मशीन टेक्नोलॉजी का उपयोग करती है

 गूगल असिस्टेंट है जो की तरह काम करती है लेकिन में टेक्नॉलजी का इस्तेमाल होता है और हमें सही रास्ता बताने के लिए इस्तेमाल करती है और हमें सही रूप बताने में मदद करती प्रोडक्ट लॉन्च किया जा सकता है और बता सकता है Kisi bhi sport ka upyog स्कोप हॉस्पिटल लेकर आ सकता है 

नंबर 4 ARTIFICIAL INTELLIGENCE (ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ))  का इस्तेमाल सिर्फ इस स्मार्टफोन में ही नहीं बल्कि ऑटोमोबिल के क्षेत्र में भी इसका बहुत ज्यादा उपयोग किया जा रहा है 

अगर आप car पसंद करते हैं तो आपको टेस्ला कार की जानकारी जरूर होगी यह कार अब तक उपलब्ध सबसे बेहतरीन कारों में से है टेस्ला कार से जुड़ने के बाद इसमें self ड्राइविंग जैसे फीचर्स उपलब्ध है ऐसे ही ना जाने कितने से सारी self ड्राइविंग कार बन रही है जो आने वाले वक्त में और स्मार्ट हो जाएंगी I 

मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में भी बहुत जोरों से हो रहा है पहले जिस काम को करने के लिए सैकड़ों लोग लगते थे वही आज मशीन की मदद से वही काम बहुत जल्दी और बहुत कम Man Power में हो जा रहा है

 वीडियो गेम्स में भी यह की झलक मिलती है जैसे कई सारे गेम्स में आपको कंप्यूटर से खेलना होता है जैसे कि chabda इलावा स्पीच रिकग्निशन रोबोटिक फाइनेंस दोस्तों 

ARTIFICIAL INTELLEGENCE KI क्या फायदे हैं?

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )error को कम करता है और अधिक सटीकता से काम करने के साथ ही प्रोडक्शन बढ़ जाता है 

नंबर दो ARTIFICIAL INTELLIGENCE (ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )) का उपयोग करने से तेजी से निर्णय लेने और जल्दी से कार्य करने में सहयोग मिलता है 

नंबर तीन -मनुष्यों की विपरीत मशीन में लगातार आराम और रिप्लेसमेंट की आवश्यकता नहीं होती है वह लंबे समय तक काम करने के लिए काबिल होते ना ही उन्हें विचलित होते और ना ही सकते हैं

 नंबर 4 – ARTIFICIAL INTELLIGENCE (ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )) की मदद से संचार रक्षा स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन और कृषि आदि क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आ सकता है 

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )ke demerit kya है

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )
ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )

 नंबर 1 इंटेलिजेंट अभी बहुत स्पष्ट नहीं है लेकिन छात्रों को लेकर जा सकता है काम कर लिया गया तो मनुष्य के लिए खतरा हो सकता है विशेषज्ञों का कहना है कि सोचने लगे हो सकता है की आवश्यकता होती है 

ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )से हमें जो सुविधाएं मिल रही है या आने वाले समय में उसका मनुष्य पर कैसा असर होने वाला है 

इसके बारे में आप क्या सोचते हैं अपनी राय आप हमें कमेंट में जरूर बताएं आशा करता हूं कि आप को इस article से ARTIFICIAL INTELLIGENCE (ARTIFICIAL INTELLIGENCE (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस )) क्या है, इसका उपयोग कहां हो रहा है ,उसकी क्या फायदे हैं और उसी क्या नुकसान है इससे जुड़ी सारी जानकारी मिल गई होगी I

मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है आपको nahi nahi टेक्नोलॉजी और नए जानकारियों से अवगत कराता रहा हूं

 

What is VPN and how to use it ?

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Introduction of VPN


The full form of VPN is Virtual Private Network. Before knowing this, we have to know what is the reason that we need it. After this we will know what VPN is and how to use it.

Today we all have smartphones and with this we all have access to the internet. We all remain active on the internet in some way whether watching a video on YouTube or downloading a movie or on a website.  Doing some search.

Often we have to sign in on these platforms for this kind of activity, where we have to give our personal details. If you are giving your details online then it can be quite risky.

There are many types of cyber criminals, hackers, snoopers online who can steal your information and blackmail you. You will often hear about the incidents of data breach.

If there is so much risk on the online platform, then how can we protect ourselves? Here comes the VPN which provides you security over the internet.

VPN or Virtual Private Network is a kind of encrypted connection with the help of which you can make a secure connection with any other network over the Internet. That is, you can hide your presence.

With the help of VPN, you can keep your identity private, that is, no one will know who you are and from which location you are accessing anything. Before knowing how VPN hides your identity, we  You will know how your identity and location are revealed on the Internet.

VPN
VPN

Whenever you search any website or any content on the internet, you can connect with it with the help of your internet service provider.  Your ISP assigns you a unique IP address and whenever you access a site, you get identified because of that IP address and your location is known.

But as soon as you connect VPN with your internet, it makes a secure connection for you and now if you access any site, then that site cannot identify you.

This happens because your VPN server keeps changing your IP address continuously and also changing your location. This makes it difficult to identify you.

VPN – Its full name is Virtual Private Network.  It is a private network that is based on a public network such as the Internet but is secure.  In it, the traveling data is encrypted.  It is made safe by using tunneling protocols and security procedures.

  Tunneling or port forwarding encrypts the data when it is sent and decrypts when it needs to be received.  Using this we can keep our browsing on the Internet safe and can also do work from home / anywhere.

The classification of VPN is as follows –

Remote Access VPN –


See in the picture, this is the internal network of a company based on the Internet, regional offices are connected to the company’s main office and all share information and resources among themselves. 
Suppose an employee is out of his office but has to use the resources of his office, then how will he do it?  For this, every employee is given a username and password.  Once verified by the VPN gateway, that employee can use the office’s resources.  IP Security (IPsec) or Secure Socket Layer (SSL) is used to make the network secure.

 

Nord facilitates VPN to home users; 


Software like Norton and Tunnel Bear do.  These software create an encrypted connection between the client and the server in which the data travels.  Internet browsing through this is safe.

 

Picture Source – ElProCus –


Electronic Projects for Engineering Students – ElProCus is an educational website on electronic projects for ECE and EEE students.

Site to Site VPN –


A Gateway to Site to Site VPN works by connecting device networks and creating a secure private network.  In this, every device does not have to be a VPN client like a remote access VPN.  By using it all the office and remote employees of a company can use the resources.

There are two types of site to site VPNs

Intranet-based –


This device allows a company’s remote employees to connect to its internal network.  For this, you can create an intranet VPN to connect each separate LAN (local area network) to a WAN (wide area network).

Based on extranet –


It has a private network of two companies which is built using extranet.  Through this, secure communication between the two companies can be done, on the other hand, the internal network of the two companies keeps on working without affecting each other.

Friends, we must have noticed one thing that when we open a website, then there is a website which is not normally open.  Because that website is blocked by the government.

On opening such a blocked website, we get a notice that this website has been blocked by the Government of India.  And the reason for being blocked a bit is also written.  We see this type of situation only when we open a copyrighted website.

vpn
vpn

For example, if we want to download a movie or web series, then such website is blocked by the internet service provider due to copyright.  So what can we do in this case so that it can open a blocked website.

So we can open these sub-blocked websites easily through vpn.  Vpn flower form is virtual private netwark.  This means that it is your personal network.  Through which you can keep your identity secret too.

We are active on the Internet at some time or the other for some reason whether we are watching a video on YouTube or downloading a movie or music or searching a website.

To use all these applications, you have to sign in and share your personal details. Putting your details on the online platform can be risky.

You will keep hearing the news of data breach on the day where hackers or cyber criminals carry out such incidents. Your details are also not protected by such people.

Hackers and snoopers always keep an eye on how to steal your data and blackmail you through it.

But now with time, there are many tools for security on the Internet as well and one of them is VPN

Another definition of VPN

The full form of VPN is Virtual Private Network. This is a kind of encrypted connection over the Internet. A VPN allows you to make a secure connection with any other network over the Internet.

A Virtual Private Network is a very easy and effective way with which you can keep your internet traffic safe and keep your identity online private. That is, no one can know who you are and from which place the site  Accessing

Although VPN was initially created from a business point of view, where it was used to securely connect the business network on the Internet, over time its use has become widespread and in today’s time it is very popular.

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If you also want more privacy online then you can also use VPNs. With the help of this technique, you can not only protect your identity online but also protect yourself from the unethical activities happening online.  Can

Before knowing how VPN works, we will know how the internet connection works and how it will work if we use VPN in it.

When you search a website and access it, then you connect to that site with the help of internet service provider.

When you access that site, you identify that website because of your unique IP address.

This means that your ISP is handling and directing all your traffic and the address of what you are searching is known by your IP address. This means that all your activities can be seen.

But when you connect your internet with VPN, it creates a secure connection for you. Even though your traffic is still going through your ISP, but now it cannot find out about your final destination  Is

Now any website you visit cannot see your IP address. It only sees the IP address that is provided by your VPN server and that too changes continuously.

If you want to use VPN on your computer, first you need to choose a good VPN Service Provider and then download the VPN software according to your system.

After installing the software, you have to create your VPN account and login to it. Now you can use it whenever you want and hide your identity.

You will see the option of VPN over the browser from where you can turn on / off VPN whenever you want and also change your location continuously.

Similarly, if you want to use VPN on your smartphone, you can also do this. For this, you just have to download the VPN app from Playstore that you want to use.

After that you have to install that app and create your account and set your desired location and now you can use it and private your identity.

While working on the Internet, we often see that there are many websites which have been blocked by the government, you cannot open that website, but if you still want to open that website, then you use VPN  We can go to that site.

Now the question may have come in your mind that this VPN kya hai?  So do not think much, I know what is VPN in this post, how to use VPN?

How to use VPN, what are the benefits of VPN, I am going to give you information in detail about all these.  Read this post to know about VPN.

also read –5 G तकनीक kya hai?

What is VPN?

VPN (virtual private network) is a network that secures private network and wifi.  Which prevents our personal data from being stolen from hacker.  In this, the network company gives you an ip address and password so that you can use this network from anywhere in the world.

All data from VPN remains secure and safe whether it is being imported or not.  You can use VPN from both computer and mobile, so that your data is safe, with VPN you can transfer your data without being hacked and your data is also safe.

Let me tell you that your data from VPN is not only safe, but you can also use it to visit or visit websites which have been blocked by the government.

Most of the big companies use VPN network or big websites use it so that they can secure their data and no hacker can hack and steal that data.

How does VPN work?

Whenever we access any site using VPN, it hides our IP address, so that your personal data is not only secure, but you can also access that website.

Which your country has blocked such as facebook is banned in China so that whenever you access facebook on internet, your network is connected to the local network and the local network has banned facebook then at that time  But in China you cannot open facebook .

When you connect your mobile or computer to VPN then it gets connected to a special private network which makes your personal data secure and device is connected to VPN.  You block website i.e. as I have given you the example of China, you can also share your details by accessing facebook in China, even if you are connected to VPN.

This will hide your history (but again, you cannot be completely anonymous, depending on many other reasons, such as their terms and conditions).

A VPN masks your real IP address.  That is, it puts a mask in front of your IP address (you can say it in easy language). It can be identified.

VPN  is legal in many countries and it has been declared illegal by many countries.  That is, there is a VPN Ban.  Like we have PUBG and Tik Tok Ban here.

30 countries have banned VPNs.  Which includes countries like China, North Korea, Russia, Iraq, Turkey.  You must have already known that China will be on this list.

VPN also prevents hackers  to a great extent.

The full form of VPN is Virual Private Network.  You would know this.

With VPN you can access Blocked Website.  Just like Tik Tok’s website is not opening, just use a VPN and then have fun.  Well try not to do that in truth.

How to use of VPN

Pay attention to the Android user.

VPN’s free apps will be available in thousands on Playstore.  Downlaod which has a good rating and just click on the contact button, take the use of VPN.

This is how Windows users can use VPNs.

You have to do the same thing just free VPN for Windows is very difficult, which is a good Windows VPN, its full list will be found on the Trendsduniya website.  You can see it by clicking the link below.

7 Best Free VPN for Windows

Unrealistic Private Network (VPN) extends a private network into a public network, and enables users to send and receive data over a shared or public network as if their computing devices are directly connected to a private network.  Therefore applications running in a VPN can benefit from the functionality, security, and management of private networks.

 

VPN technology was developed to allow remote users and branch offices to safely access corporate applications and other resources.
  To ensure security, data will travel through secure tunnels and VPN users will use authentication methods to gain access to the VPN – including passwords, tokens, and other unique identification methods. 

In addition, Internet users can secure their transactions with a VPN to connect to a proxy server to prevent geographical restrictions and censorship, or to protect personal identity and location to remain anonymous on the Internet. 

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Machine learning II मशीन लर्निंग क्या है और यह कैसे काम करती है?मशीन लर्निंग के क्या-क्या फायदे होते हैं?

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Machine learning introduction

Machine learning II मशीन लर्निंग क्या है और यह कैसे काम करती है?मशीन लर्निंग के क्या-क्या फायदे होते हैं?
Machine learning II मशीन लर्निंग क्या है और यह कैसे काम करती है?मशीन लर्निंग के क्या-क्या फायदे होते हैं?


आज के समय में विज्ञान का क्षेत्र बहुत तरक्की कर रहा है कलम से लेकर लैपटॉप तो सब कुछ भी ज्ञान की ही देन हैदुनिया गैजेट्स और मशीनों से भरी पड़ी है दोस्तों विज्ञान में मानव समाज के विकास में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैकंप्यूटर मनुष्य कि नहीं अद्भुत खोजों में से एक है I

जिसने मानव जीवन को लगभगकंप्यूटर टेक्नोलॉजी में लगातार vikas के कारण आज कंप्यूटर हमारे हर काम में एक महत्वपूर्ण वस्तु बन गया है हमारे समय में मशीनी युग की शुरुआत होने वाली है या तो यूं कह सकते हैं जिसकी शुरुआत हो चुकी है जहां कंप्यूटर अब मनुष्य की तरह सोचने और समझने की क्षमता रखने लगा है तो आज हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण तकलीफ के बारे में जानेंगे दोस्तों जिसका नाम है I

मशीन लर्निंग बहुत से लोगों ने इसका नाम सुना होगा लेकिन अगर आप इसके बारे में और अधिक जानकारी जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को आप पूरा पढ़े और लास्ट तक पढ़े हम आपको बताने वाले हैं I

 मशीन लर्निंग क्या है और यह कैसे काम करती है?और साथ ही साथ में हम यह भी जानेंगे कि मशीन लर्निंग के क्या-क्या फायदे होते हैं?

तो दोस्तों सबसे पहले हम जानेंगे कि मशीन लर्निंग है क्या मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक भाग है यह एक तरह की प्रोग्रामिंग है जिसमें कंप्यूटर किसी चीज को अपने आप सीखने के लिए प्रोग्राम करता है और उसे किस तरह से बेहतर बनाया जाए उसके बारे में खुद को डेवलप करता रहता है मशीन लर्निंग सिस्टम को किसी भी प्रकार के प्रोग्राम बनाने के लिए ऑटोमेटिक लर्निंग के प्रोग्राम डिवेलप करता है इसमें सिस्टम को काम करने के लिए इतना कुशल बना दिया जाता है कि की मशीन अपने पिछले अनुभव के आधार पर आगे आने वाले कार्य को खुद ही पूरा कर सके और उसमें आवश्यक सुधार कर सके


जिस प्रकार एक इंसान अपने अच्छे और बुरे अनुभवों से कुछ नया सीखने की कोशिश करते हैं इसी प्रकार मशीन लर्निंग भी अपने पुराने अनुभवों के आधार पर कार्य करते हैंमशीन लर्निंग के द्वारा सिस्टम को इस तरह से प्रोग्राम किया जाता है कि वह यूजर के मन मुताबिक काम कर सके साथ ही यूजर के कमांड और उससे जुड़े हुए डाटा को भी स्टोर करके रख सके
मशीन लर्निंग कंप्यूटर प्रोग्राम के विकास पर फोकस करता है और वह कंप्यूटर प्रोग्राम के डाटा को एक्सेस कर सके और बाद में उस डाटा को और एडवांस बनाने के लिए उससे लर्निंग करके प्रोग्राम को और अधिक एडवांस बना सके

मशीन से सीखने की प्रक्रिया डाटा और ऑब्जरवेशन से शुरू होती है jismein experience aur instructions ke jariye मशीन डाटा पैटर्न की तलाश करके  खुद को डेवलप कर सकेमनुष्य द्वारा दिए गए उदाहरणों के आधार पर बेहतर निर्णय ले सके मशीन लर्निंग बनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य है कि कंप्यूटर बिना किसी इंसान की सहायता से अपने आप ही सीख सके उसके अनुसार ही कार्य को अंजाम देकर आसान भाषा में कहें तो मनुष्य की तरह ही सोचने वाली मशीन बनाना चाहता है

और हम हम जानेंगे कि  मशीन लर्निंग काम कैसे करता है?

मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि कृत्रिम बुद्धिमता का एक रूप है जो कि कंप्यूटर को इंसानों के समान सोचना सिखाता है जैसे पिछले अनुभव से सीखना और उसमें सुधार करना है data की खोज और पैटर्न की पहचान करके काम करता है और इसमें कम से कम इंटरेक्शन शामिल होता है I

मशीन लर्निंग को इतना मूल्यवान बनाने का बड़ा हिस्सा यह पता लगाने के लिए क्षमता है कि बेटा को रीड करते समय मानव की नजरों से क्या छूट गया है मशीन लर्निंग पटेल पैटर्न को पकड़ने में सक्षम है जो मनुष्य की पहुंच से दूर है और एनालिसिस के दौरान जिसे मनुष्य द्वारा अनदेखा किया जाता हैमशीन लर्निंग के काम करने के तरीके को समझने के लिए इसके प्रकार को समझना बहुत जरूरी है

सामान्य रूप से मशीन लर्निंग एल्गोरिथम चार प्रकार की होती है

Supervised learning 

Unsupervised learning 

semi supervised learning 

Reinforcement machine learning

 

सबसे पहले हम बात करेंगे सुपरवाइजर मशीन लर्निंग के बारे में?

Machine learning II मशीन लर्निंग क्या है और यह कैसे काम करती है?मशीन लर्निंग के क्या-क्या फायदे होते हैं?
Machine learning II मशीन लर्निंग क्या है और यह कैसे काम करती है?मशीन लर्निंग के क्या-क्या फायदे होते हैं?

इस प्रकार के एल्गोरिदम में मशीन जो अपने पुराने अनुभव के आधार पर सीखा हुआ होता है उसे वह सिस्टम में लागू करता है ताकि वह पहले से लिए गए डाटा के आधार पर भविष्य में होने वाली गलतियों को दोबारा रिपीट ना करें I और भविष्य में होने वाली घटनाओं का अनुमान लगा सके
यह एल्गोरिथ्म ठीक उसी प्रकार काम करता है जिस प्रकार मनुष्य अपने अनुभव से सीखता है  सुपरवाइजर मशीन लर्निंग में मशीन को इनपुट के उदाहरण पर इनपुट के उदाहरण और जवाब दिए जाते हैं
jisse yah algorithm in udaharan se sikhati hai.और इनपुट के आधार पर सही आउटपुट का अनुमान लगाती है
 

अनसुपरवाइज्ड मशीन लर्निंगइस

प्रकार की मशीन लर्निंग में इनपुट और उनके जवाब पहले से नहीं दिए जाते हैं इसमें एल्गोरिदम को खुद ही डाटा के आधार पर अनुमान लगाना पड़ता है इसलिए यह एल्बो रिदम टेस्ट डाटा या रियल डाटा से सीखते हैं  जिन्हें पहले से इनेबल्ड वर्ल्ड और क्लासीफाइड  या कैटिगराइज्ड नहीं किया गया है,अनसुपरवाइज्ड मशीन लर्निंग डाटा में समानता ओं की पहचान करता है I
डाटा के प्रत्येक set में एक ही प्रकार के समानताओं की उपस्थिति और अनुपस्थिति के आधार पर आउटपुट देता है

सेमी सुपरवाइज्ड लर्निंग


Yah algorithm donon supervised aur unsupervised learning ke bich Mein Aata Hai aur yah algorithm Prashikshan ke liye donon labelled aur unlabeled data ka prayog karta hai. जो भी सिस्टम सेमी सुपरवाइज्ड लर्निंग एल्गोरिदम मेथड का इस्तेमाल करता है इस प्रकार के सिस्टम बड़ी ही आसानी से समय-समय पर अपने प्रोग्रामिंग में ऑटोमेटिक के लिए सुधार करने में सक्षम होते हैं

Read also-

What is Artificial Intelligence? their application and career with AI.

5 G तकनीक kya hai?

Machine Learning (मशीन लर्निंग) Tutorial in Hindi | Python (पाइथन) for Machine Learning | PART-1

Reinforcement machine learning


Reinforcement machine learning 1 Prakar k ki prakriya hai jismein vah Aas Paas Hone Wali e ghatnaon aur prakriya Ke Aadhar per  Khud Ko develop karta hai aur sakta hai.
 
इस एल्गोरिदम की खासियत है कि यह मस्त एल्गोरिदम सॉफ्टवेयर इंजीनियर के निर्देश और सिस्टम के किसी भी प्रकार के कमांड को खुद ही समझ कर उसके अनुसार कार्य करने में सक्षम होता है

Jisse system ki performance ko aur Behtar Banane Mein madad milati hai. 

हम जानेंगे की मशीन लर्निंग का प्रयोग कहां कहां किया जाता है?

 

Machin learning in Google

 


मशीन लर्निंग का उपयोग करके गूगल बहुत सी नई चीजें कर रहा है जैसे गूगल ट्रांसलेटर सड़क पर लगे साइन बोर्ड में लिखे शब्दों को स्कैन करके पढ़ना और उसकी भाषा का पता लगाना और उसका आपकी भाषा में उसी समय ट्रांसलेट करना यह असल में मशीन एल्गोरिदम का ही कमाल है

Machin learning in Google Translation


इसके साथ आप गूगल ट्रांसलेटर से कुछ भी बोल सकते हैं Jaise hi aap Google Translator ko Kuchh bolate Hain To usmein sthit machine learning speech recognization Ka prayog Karke aapki Bhasha ko Samajh Kar type karke aur translate kar deta hai

Machin learning in Speech recognition


स्पीच रिकॉग्निशन टेक्निक का इस्तेमाल गूगल के बहुत सारे प्रोडक्ट में होता है जैसे गूगल सर्च इंजन बार में आप अपने किसी भी प्रकार के सवाल को बोलकर टाइप कर सकते हैं और यूट्यूब में भी आप अपने मनचाहे वीडियो को लिखकर सर्च करने के अलावा बोलकर भी सर्च कर सकते हैं

Machin learning in E-commerce

 

मशीन लर्निंग का इस्तेमाल और भी कई जगह किया जा रहा है जैसे कि फेसबुक शॉपिंग & कॉमर्स वेबसाइट me bhi hota hai

machine learning in facebook


दुनिया भर में फेसबुक का इस्तेमाल बहुत बड़ी मात्रा में किया जाता है
For example

  • मशीन लर्निंग का इस्तेमाल फेसबुक में फ्रेंड को टैग करने में और ऑटोमेटिक टैगिंग में किया जाता है
  • algorithm for text detection
  • for image recognization ke Aadhar per FB Apne database may check  करता है और किसी को तो और इमेज की पहचान करता है
  • Jab aap online shopping karte hain aur kisi bhi product ko search karte hain to use product se related Sabhi Prakar ke product aapko display Mein Dikhai deta hai.
  • जब आप दूसरी किसी वेबसाइट पर जाते हैं तो जो भी प्रोडक्ट आपने सर्च किया है इस प्रोडक्ट के विज्ञापन आपको उस वेबसाइट पर नजर आने लगते हैं तो यह सब असल में मशीन लर्निंग की वजह से दिखाई देता है
  • मशीन लर्निंग में गूगल हर गतिविधि पर आप नजर रखता है और उसी के अनुरूप विज्ञापन दिखाता है
  • ईमेल इस्तेमाल करते समय आपने देखा होगा कि हमारे जरूरत ki mil hi  इनबॉक्स में आती हैऔर फालतू की मेल्स स्पैम मेल वाले फोल्डर में चली जाती है इसके पीछे भी मशीन लर्निंग इस्तेमाल होती है I जिसमें ऑटोमेटिक किसी भी ईमेल का कंटेंट और उसका बिहेवियर को पहचान करके उसी के अनुसार संबंधित MAIL आपको आने लगते हैं , और कुछ गलत पाए जाने पर उसकी मेल को spam में डाल दिया जाता है

 

चलिए अब हम जानेंगे मशीन लर्निंग के क्या-क्या फायदे हैं?

मशीन लर्निंग के फायदे की बात की जाए तो इससे इंसान की जिंदगी काफी आसान हो गई है जहां मशीन लर्निंग का इस्तेमाल हरे क्षेत्र में कार्यों को बेहतर करने के लिए किया जा रहा है
Machine learning ka istemal Kisi Ek Kshetra Tak simit Nahin Hai balqees technique ka fayda lagbhag Har Shetra mein ho raha hai

  • जैसे रिटेल के सेक्टर में मशीन लर्निंग को प्रयोग करके इसके मार्केटिंग और बिजनेस को बड़ी आसानी से समझा जा सका है और भविष्य में होने वाले सेल की अनुमान लगाया जा सकता है
  • कस्टमर के बिहेवियर को समझ कर उनके लिए उचित प्रोडक्ट उनके स्क्रीन पर दिखाई जा सकते हैं जिससे कस्टमर उस प्रोडक्ट को खरीदे और सेल में इंक्रीमेंट हो
  • फाइनेंस सेक्टर में भी मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जा रहा है  जिससे कस्टमर को बेहतर और फास्ट सर्विस उपलब्ध कराई जा रही है
  • Jaise laindon Suraksha Bahana aur fraud detection gatividhiyan per rok lagana
  • health sector maybe machine learning ka bahut istemal ho raha hai aur yah Teji se Karya kar raha hai
  • machine learning ki sahayata Se manushya Ki sharirik gatividhiyon ke Aadhar per uski Bimari Ka Pata Lagane Mein madad milati Hai Sathi isse Kafi kam kharch Mein Swasthya suvidhaon Ko badhava Milta Hai
  • Google aur Facebook main bhi machine learning  की सहायता से यूजर को उचित विज्ञापन दिखाते हैं
  • विज्ञापन यूजर की बिहेवियर के आधार पर होते हैं इसलिए इसे ऐड बिहेवियर भी कहा जाता है
  • Iske alava machine learning ka upyog online gatividhiyan ko pakdane aur is spam filter ko on karne ke liye Bhi Kiya jata hai
  • नेटवर्क सिक्योरिटी में भी मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाता हैऔर ऐसे बहुत सारे क्षेत्र हैं जहां पर इसके लिए रिचार्ज किया जा रहा हैकि कैसे यह हमारे लिए फायदेमंद साबित हो सकता है
  • भविष्य में मशीन लर्निंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है
  • तो दोस्तों उम्मीद करता हूं कि इस आर्टिकल को पढ़कर आपको जरूर कुछ ना कुछ फायदा हुआ होगा मशीन लर्निंग काफी बड़ा विषय है जिसे हमने आपको शॉर्ट में समझाने की कोशिश की है आशा है कि आपको इससे मशीन लर्निंग क्या है और यह कैसे काम करती है और उसमें क्या-क्या फायदे हैं यह सभी चीजें समझ में आ गई होंगी मशीन रागनी के विषय में आपकी क्या राय है यह आप हमारे साथ जरूर शेयर करिए

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3D Printing Is So Famous, But Why?

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3D Printing Is So Famous, But Why?

3D Printing Is So Famous, But Why?
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3D printing BRIEF

The reference In the current information technology era, the increasing use of 3D printing in various fields has made it a topic of discussion. However, it is currently at the stage of technological development and is not universally known, but technologically developed countries have taken it up and are trying to take great advantage from the manufacturing of home appliances to the space sector.

Today 3D printing technology is being used to repair various parts of security related equipment in various fields, especially in the field of security and aerospace, and manufacture of various components related to equipment. This article will try to understand 3D printing technology along with its applications, related global scenario, its prospects in India, challenges related to it and solutions to these challenges.

What is 3D printing?

What is 3D printing?

3 D PRINTING

3D printing is basically a manufacturing technique using which to create three Dimensional objects. For this, basically a three-dimensional object is designed in digital format. It is then acquired in physical form by a 3D printer. Printers used in 3D printing are based on additive manufacturing techniques. Where ink and pages are required in a simple printing machine, in this printing machine, the size, color, etc. of the object to be printed, are applied in the same manner.

 

3D printing applications

3D printing holds the potential for a revolutionary change for the manufacturing sector due to its three new features, especially the short time, freedom of design of goods and low prices. With this, a large number of laborers will be relieved, who can be opened in other areas by opening work. In the health sector, this technology is being used in many tasks, including tissue engineering, prosthetic and the manufacture of artificial human organs.

Global Scenario related to 3D Printing Globally,

in the year 2017, the global 3D printing market reached a level of about $ 7.01 billion. Talking about the use of 3D printing done at the industrial level, in the year 2019, its market share was about 80 percent. During the year 2018, 3D printing was most commonly used in hardware, followed by software and least used in the services sector.

In the year 2018, North America ranked first with more than 37 percent of its market share due to extensive use of 3D printing (Additive Manufacturing). A ‘soft silicon heart’ was developed by scientists in Switzerland, which functions almost exactly like the human heart. In addition, scientists in China and the United States jointly developed Ambrianic stem cells using 3D printing technology, while scientists in the United Kingdom have developed the world’s first cornea using this technique.

A team of American researchers has created a ‘sponge’ like structure on the palm through 3D printing technology, which can prove effective in reducing pollution. Which has the potential to eliminate pollution from water, air and agricultural sources.

3D printing and possibilities in India

The major manufacturers of the country have set up 3D printing assembly lines and distribution centers with foreign technology firms with the aim of increasing manufacturing capabilities in India. The report, titled ‘The Global Industry 4.0’ by Price Waterhouse Coopers (PWC), noted that during the year 2016, about 27 percent of industries invested in additive manufacturing technologies indicated that There is potential for widespread use of 3D printing in the industrial sector of India.

Currently, India is the fastest growing developing country where it has initiated initiatives like ‘Make in India’, ‘Digital India’ and ‘Skill India’ with the objective of enhancing investment opportunities and strengthening the manufacturing capabilities of the country. In which 3D printing can play an important role. Its use will be important in promoting industrial development in small cities and the use of this technology in the field of traditional and medium enterprises will not only prove to be low cost and more efficient but will also save time.

The use of this technology in areas such as aviation and automotive can revolutionize the transport sector, which will not only increase production capacity but will also reduce the quality of the product produced and the adverse effects on the environment during manufacture, It will also be in line with global commitments in the context of the environment.

4D printing

With 4D printing technology such items can be made which can change their shape to suit the circumstances over time. It is important to note that researchers at the University of Wollongong, Australia, developed 3D printed materials, which were used in new structures under external influences such as water or fire.

Can be given the shape of naanas. This technique is named 4D printing. This new material is capable of transforming itself from one shape to another like a child’s toy.
4D printing technology is at an early stage of development, rapidly emerging as a new paradigm in disciplines such as bio engineering, material science, chemistry, and computer science.
In the world of nanotechnology, this advance initiative is being applied on a large scale. The 4D printing technique is also known as ‘bio printing’, ‘active origami’ or ‘sep morphing system’.

Use of 4D printing technology


In the field of robotics, significant results can be achieved by using 4D printing technology without using any complex electro-mechanical device.
With this technology child-care products can be manufactured which can react to temperature and humidity. For example, clothes and shoes change their work and appearance in an environment friendly manner
The biochemical components that can be implanted in the human body are being made by researchers.
By using this technique, household appliances and products can be made more work-able and comfortable by making them temperature-friendly.

What is the Benefits of 3D Printing ?

Low-Cost – 3D printing can produce products at a lower cost than traditional methods.
Time saving – Quality work can be done in less time by 3D printing. It is capable of increasing the efficiency of the work.
Highly efficient – prototypes generated by 3D printing can be constructed with great ease and intensity.
Flexibility – Different types of materials can be used for 3D printing. This makes it easy to print a wide variety of prototypes and products.
Durable and high quality – The products do not absorb moisture, which keeps them in use for a long time.



Challenges related to 3D printing


Talking about the challenges related to 3D printing, the variation in 3D printers will result in quality differences in the manufacture of products. Also, 3D printers lack an ideal standard for product quality.
Plastic is mostly used in the manufacture of products under these printers and it consumes a large amount of electricity which cannot be called environmentally good in any sense.
There is not only lack of awareness about this technology among the people in the country but there is also a lack of research work related to it. The high import cost, loss of employment and limited number of domestic manufacturers related to 3D printers also highlight the challenges of 3D printing in the country.
Road ahead
We should not forget that this technology is in its initial stage of development and in the course of development, solutions to the challenges related to it will also be solved.
To take advantage of advanced technologies like 3D, India will have to disseminate technical education on a large scale and ensure the availability of adequate finance for research and development works.

The conclusion


Certainly the field of use of 3D printing is wide which covers various dimensions from domestic to space and there are immense possibilities in the fields of health, education, security and space. With this, we should now move towards adopting a revolutionary concept like 4D printing technology.

Q- What do you understand by 3D printing?

While analyzing the potential benefits of 3D printing, analyze its area of ​​application and the challenges facing it.

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