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If someone is earning Rs 50,000 per month then how should he manage his income for a secure future?

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If someone is earning Rs 50,000 per month then how should he manage his income for a secure future?

For the convenience of the answer, let me assume that ₹ 50000 a month will be his cash salary. Cash salary means the amount deposited in the bank as salary.

If a person finds ₹ 50000 cash salary in the bank then he should keep these things in mind to manage his income for a secure future.

Earning around ₹600000 every year after deducting all kinds of expenses, you will be left with some 360000. Also, an increase in salary at the rate of 10% will also have to be considered and the amount of expenditure and savings will also have to be increased in the same proportion.

What is your list of financial needs for the coming 5 to 10 years.

According to this list, how much money will you need from year to year.

The financial requirements for the coming 5 to 10 years should be combined in such a way that it does not exceed your income.

Be prepared to take a loan for any major financial need as well as deduct savings to pay off its installments.

Such a big need can be some needs like buying a house, buying a car or getting big furniture work done at home.

After this, it would be appropriate for you to examine and understand the various investment options.

There are a plethora of investment options in the market which include high, medium and low level of risk as well as zero risk options.

Apart from this, the liability of income tax on the return on all these investments can also be a major issue which will play a big role in your decision making.

Like fixed deposit in bank and investment in Public Provident Fund is without any risk. But investment in Public Provident Fund is available with a locking period of 15 years as well as income tax exemption on the interest earned in it.

Investments in Mutual Funds, National Pension Scheme and Primary Stock Market are available with medium sized joking.

Trading futures options and derivatives in the stock market is a high risk investment.

Apart from this, investing in real estate or investing in gold or jewelery is also a good option.

Bonds of the Reserve Bank and fixed deposit schemes of government companies are also good options.

I believe that a man should not put all his eggs in one basket or there is a popular saying which means that a person who saves financially should not put all his investment in one scheme. Therefore, according to your financial need, you should invest in different pieces and in different investment options so that the risk is divided.

In conclusion, I want to say that you have to make your own combination between your income, your expenses and your savings. If you are not able to make room for savings between income and expenses, then it is your own responsibility for this too. Apart from this, if you are able to save more than expected then it is a positive message for you. At the same time, my advice would be to divide your investments into four types of investment options with a balanced portfolio. i want to say that

Make sure to invest in Public Provident Fund.

Fixed deposits have the lowest percentage of interest so try this option last.

Do not invest directly in the stock market, at least until you have gained good experience in the stock market. Therefore, invest in the stock market through National Pension Scheme or Mutual Fund.

Stay away from futures options and derivatives trading at all.

Investment in National Pension Scheme is available to you to get exemption in addition to Section 80C exemption. But the maximum investment cannot exceed 50,000 per annum.

There are tax free and tax responsible investment options in the market for investing in Mutual Funds but I find tax free options more appropriate.

If you plan to invest for the long term, then you can choose to invest in real estate and gold.

If you are interested to invest in gold then you should invest in online gold and not jewellery. Gold jewelery involves 25 to 30 percent making charge from the price of gold which is purely a loss while selling.

Finally, if you want to invest any amount for a very short tenure, then you should invest in a fixed deposit as the maximum interest you can get on a fixed deposit of up to 1 year is 6.5 percent per annum.

यहां पैसे लगाओ एफडी से ज्यादा फायदा होगा?

बैंक का इंटरेस्ट रेट देखते हैं और करते हैं और अब तक तो बैंक से मेल या चिट्ठी भी आ चुकी होगी कि एसडीओ रिकरिंग डिपॉजिट पर जो इंट्रेस्ट मिलेगा उसमें से 20% टैक्स काटकर ही बैंक सरकार के पास जमा कर देगा। यानी टीवीएस का रेट बढ़ गया। आप इस से बच सकते हैं लेकिन एक नई कसरत तो हो ही गई एक ऐसा नुस्खा या इंस्ट्रूमेंट के मुकाबले ज्यादा कमाई भी देता है और जिसने शेयरों के मुकाबले जोखिम कम होता है, इसका नाम है एलसीडी या non-convertible एडवेंचर हिंदी में अपरिवर्तनीय ऋण पत्र नहीं समझे तो यूं समझ लीजिए कि कंपनी आपसे कर लेती है। डिवेंचर दो किस्म के होते हैं परिवर्तन!

पहले यह बता दूं कि कन्वर्टिबल का मतलब क्या है यहां आपसे कंपनी जो कर लेती है उस पर कुछ समय तो ब्याज भर्ती है लेकिन बाद में यह पूरा डिवेंचर यह इसका कुछ कंपनी के शेयरों में बदल दिया जाता है या नहीं, आपने जो कर दिया कंपनी उसे चुकाने के बजाय आपको कंपनी का हिस्सेदार बना देती है। अगर पूरे डिनर हो गया। पूरा डिवेंचर शहर में बदल गया। वह कहलाता है फुल्ली कन्वर्टिबल देबेंचर्स और अगर पूरे का नहीं है। कुछ पैसा आपको वापस मिल ना यार कुछ बदल जाएगा तो वहीं कन्वर्ट 1 डिग्री होती है। उसका नाम है। ऑप्शनली कन्वर्ट करें या ना करें कभी-कभी कंपनी की इच्छा पर भी हो सकता है लेकिन वह अलग कहानी है, उसको कभी और करेंगे। अभी बात हो रही है एमसीडी ने उस दिन से कि जिस पर कंपनी आपको ब्याज देती है और।

पूरी रकम वापस कर देती

इस समय पर मंथली क्वार्टर ली ईयर ली या बिल्कुल आखिर में पूरी रकम के साथ फाइनेंस का 87 महीनों की मियाद है। यानी आप जब जिस दिन पैसा लगाएंगे जिस दिन इस उपलब्ध होगा उस दिन से 87 महीने के बाद आपको पैसा वापस मिलेगा। पूरा और कंपनी इस पर 10 परसेंट ब्याज दे रही है वह बाजार से 1000 करोड़ रुपए उठाने की तैयारी में है। 28 जुलाई तक लगा सकते हैं, लेकिन अभी तो कंपनी में हो सकता है। क्यों पहले भी बंद कर दे इसी धंधे की दूसरी कंपनी पिरामल कैपिटल एनसीडी इश्यू 12 जुलाई से 23 जुलाई तक खुलेगा। वहां भी कंपनी की सोच रही है ब्याज की दर 8 पॉइंट 99% तक ही रहेगी।

जबकि हल्का अनसिक्योर्ड आई आई एफ एल का अंश का मतलब है कि कंपनी ने अपनी संपत्ति का कुछ हिस्सा के सामने सिक्योरिटी के तौर पर इसी पर की वजह से आपको दोनों कंपनियों के ब्याज में भी फर्क दिख रहा है उसे क्यों सर का इंटरेस्ट रेट कम है, अनसिक्योर्ड का ज्यादा है और यही नहीं है अभी यस बैंक का कंपनी, सीजीपीएल जुआरी, ग्लोबल टाटा मोटर्स, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और एसबीआई कार्ड जैसी कंपनियां एमसीडी के बाजार में आ रही हो। अगर आपके पास लगाने लायक पैसा है। खाली पड़ा है जो आप काफी समय तक के लिए छोड़ सकते हैं तो आप ही ने उसको देखते हैं। ध्यान रखिएगा मैं लगा सकते हैं नहीं कर सकते हैं क्योंकि सलाहकारों की राई यह होती है कि छोटे निवेशकों को एनसीडी से दूर ही रहना चाहिए। खासकर अगर आपको बीच में रकम की जरूरत पड़ गई।

अगर आप सिर्फ ऊंचा ब्याज देखकर पैसा लगा देते हैं तो आप कमजोर कंपनी में फंस सकते हैं। यूनाइटेड स्टेट्स। एक रिलायंस होम फाइनेंस का है रिलायंस होम फाइनेंस एनसीडी पर भुगतान नहीं कर पाया। एनसीएलटी के बाद लोग शिकायत लेकर गए और एनसीपी ने कंपनी को निर्देश दिया है कि अगले 5 महीनों में 19000 डिवेंचर धारकों को पैसे देने का इंतजाम करें। ऐसा दूसरा मामला है डीएचएफएल देवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड आपको पता होगा दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड एनसीएलटी में जाने के बाद पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग में खरीदा है और उसमें जो कर दें। उन्होंने दे रखे थे काफी कर्ज में डूबी हुई थी, उस कण पर भारी हेयरकट हुआ है और उसमें वह क्या है कि जो रिटेल के लोग कंपनी अपनी में पैसा लगाते हैं वहां भी इस तरह की कंपनियां बहुत मोटा ब्याज कैसे लगाते हैं और एमसीडी में भी ऐसा ही हुआ और इन लोगों का पैसा लगा हुआ था।

उसमें जो अब जिन लोगों ने इसको लिया है कि कॉल किया है कर्ज एक और कंपनी को अब एचडी वालों को और एमसीडी होल्डर्स को पूरा पैसा देने को तैयार नहीं है। हालत यह है कि एमसीडी पर उन्होंने तय किया है कि आपका जो पैसा बनता है उसका 5 परसेंट दिया जाएगा या नहीं। 95 परसेंट दबाव पड़ रहा है। वह लोग कह रहे हैं 40 परसेंट तो दीजिए कम से कम लेकिन उनके जो कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स है, वह मान नहीं रही है कि मामला अभी एनसीआरटी में चेंज हो सकता है यह मामला और आगे कानूनी लड़ाई में चला जाए तो यह खतरा कनवर्टर कनवर्टर के साथ रहता है जो शेर के साथ रहता है। कंपनी का धंधा खराब हो गया। कंपनी डूब सकता है इस वजह से मैंने आपको बताया था।

शेरों के मुकाबले कांग्रेस के जैसे उसी कंपनी के शेयर पूरी तरह गायब कर दिया जाए। एनसीडी होल्डर को 5:00 पर्सेंट दिया जा रहा है। आप कह सकते हैं ऊंट के मुंह में जीरा लेकिन कुछ तो मिल रहा है कायदे से पूरा मिलना चाहिए तो मिलना चाहिए और इस मांग को लेकर

क्या फैसला होगा कब होगा यह एक लंबी कहानी है और इसी वजह से इसकी वजह से लोग कहते हैं कि एलसीडी से दूर रहना चाहिए लेकिन कम ब्याज देती हैं जिनके नामnon-convertible आपको पूरे भरोसे के साथ लोग पैसा लगाते हैं उनमें कुछ कंपनियों के सो जा रहे हैं जब आएंगे आप की क्रेडिट रेटिंग देखनी होगी। जैसे अभी कुछ समय पहले वो कार्ड कैंडी आया था। 12 परसेंट से ऊपर भेज दे रहा था लेकिन क्रेडिट रेटिंग थी तो कमजोर क्रेडिट रेटिंग थी। अगर ट्रिपल ए प्लस प्लस क्रेडिट रेटिंग वाले डिवेंचर आपके सामने आते हैं तो उन पर आपको विचार करना चाहिए लेकिन बाकी अपनी परिस्थितियों पर विचार करना ज्यादा जरूरी है। वह ध्यान जरूर रखिएगा और भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेना

होम लोन अप्लाई करने से पहले यह जरूर देखें

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हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब लोग उम्मीद करता हूं अच्छे होंगे

आज के ब्लॉग में मैं आपको बताना चाह रहा हूं कि यदि आप होम लोन के लिए अप्लाई करने जा रहे हैं तो आपको किन किन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है

दिक्कतों से मेरा मतलब है कि किस-किस डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी



होम लोन होम लोन अप्लाई करने के लिए निम्नलिखित डॉक्यूमेंट की आवश्यकता पड़ेगी

salary slip

आइटीआर

आधार कार्ड

सिबिल स्कोर

फॉर्म 16

Income proof related documents

सैलरी स्लिप क्या होता है

दोस्तों अगर आप किसी सरकारी कंपनियां प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं और होम लोन को अप्लाई करना है तो आप को सैलरी स्लिप की आवश्यकता होती है सैलरी स्लिप कहां से मिलती है

दोस्तों जो सैलरी स्लिप होती है वह आपको मंथली मंथली ईमेल पर या पोस्ट के जरिए आपके एड्रेस पर पहुंचती है कभी-कभी कुछ कंपनियों में ऑनलाइन पोर्टल होता है वहां सभी चीजें सैलरी स्लिप डाउनलोड की जा सकती है

Lagbhag 6 mahine purani salary slip Ki avashyakta padati Hai

Salary slip Ka prayog Karke Bank ke a Jo karmchari Hote Hain hain vah aapki income ko dekhte hain aur use Aadhar per uh ah Karte Hain Ki Kitna loan aapko sanction ho sakta hai

Aadhar Card kya hota hai aur kahan se prapt Karen

Doston Aadhar card to Sabhi Jante Honge aur lagbhag Sabhi Ke Pass hota hai Fir Bhi yadi aapke pass Aadhar Card Nahin Hai To aapko online website UIDAI per reply karna hai ya FIR aapke nearest computer centre per jakar aap apply kar sakte hain

Aadhar Card ka prayog Bank Mein adress proof ke liye Hota Hai

सिबिल स्कोर क्या होता है?

Doston CIBIL score Ek Tarah ka Aap Jo loan lete hain aur use Kis Tarah Se aap chalate Hain Kitni EMI Aapke Kaun hoti hai aur aapka report card joki aapane loan liya hai Hai Uske record Ko darshata Hai

Agar aap ne EMI Bounce Ki Hai To aapka civil kharab ho sakta hai Jiski vajah se aapko loan mein dikkat a sakti hai isliye Sabhi AVI time per bhare Taki aapka civils ko Achcha Rahe

सिबिल स्कोर का प्रयोग करके बैंक वाले आपकी क्रेडिबिलिटी को चेक करते हैं कि आप लोग टाइम पर चुका सकते हैं या नहीं या फिर कोई आप गलत काम तो नहीं कर रहे हैं जिससे बाद में लोन न चुका पाए

फॉर्म 16 क्या होता है-

दोस्तों अगर आप किसी प्राइवेट नौकरी या सरकारी नौकरी में है तो आपके इनकम टैक्स पर जो भी टीडीएस यानी कि टैक्स की कटौती होती है उस टैक्स का रिकॉर्ड फॉर्म 16 की मदद से मिल जाता है और आपको जो इन हैंड सैलेरी आ रही है या फिर कहना चाहिए कि जो आपकी ग्रॉस सैलरी आपको महीने में मिल रही है उसका पूरा ब्यावरा फॉर्म नंबर 16 में होता है

Form 16 कैसे प्राप्त करें?

दोस्तों फॉर्म 16 को प्राप्त करने के लिए मैं आपको दो तरीका बता रहा हूं

पहला तरीका है गवर्नमेंट की वेबसाइट ट्रेस टी आर ए सी ई में जाकर आपको रजिस्टर करना पड़ेगा जहां पर आपको पैन कार्ड और मोबाइल नंबर के द्वारा रजिस्टर करके आप फॉर्म 16 को प्राप्त कर सकते हैं परंतु यह जो फॉर्म 16 है वह प्रोविजनल होता है जिस पर प्रोविजनल वाटर मार्क लिखा रहता है

दूसरा तरीका यह है कि आप अपने कंपनी के एचआर मैनेजमेंट से बात करके फॉर्म 16 को ईमेल द्वारा मंगवा सकते हैं

income proof related document-

दोस्तों अगर आप नौकरी नहीं कर रहे हैं और कोई बिजनेस करते हैं या फिर किसी भी प्रकार का आपका सोर्स ऑफ इनकम है तो उस से रिलेटेड डाक्यूमेंट्स आपको तो करने पड़ेंगे

डाक्यूमेंट्स का उद्देश्य बैंक कर्मचारी को यह बताने के लिए होता है कि वह लोन किस आधार पर चुक आएगा

ITR Kya Hota Hai




आइटीआर का मतलब होता है इनकम टैक्स रिटर्न दोस्तों आप जब भी पूरे एक फाइनेंस करियर्स में जो कोई भी कमाई करते हैं उस कमाई पर जो टैक्स लगता है उस टैक्स और कमाई का पूरा ब्यावरा आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर भरना पड़ता है यदि आपका टैक्स ज्यादा कट रहा है और आपकी इनकम कम हो रही है तो आइटीआर फाइल करके आप रिफंड ले सकते हैं

आइटीआर 4 प्रकार की होती है itr-1 itr2 itr3 itr-4 itr-1 जो होता है वह इंडिविजुअल के लिए होता है इंडिविजुअल का मतलब जो कि नौकरी कर रहे हैं और उसका कोई दूसरा स्विच ऑफ इनकम नहीं है और आइटीआर 2 3 और 4 उन लोगों के लिए होता है जो लोग बिजनेस या दूसरे स्रोतों से सोर्स ऑफ इनकम दर्शाते हैं

आइटीआर के आधार पर लोन ऑफिसर यह तय करता है कि आपको कितना लोन मिलना है

होम लोन कैसे मिल सकता है

कोई भी भारतीय नागरिक जो की सूची भी बिजनेस या नौकरी में है होम लोन के लिए अप्लाई कर सकता कर सकता है बशर्ते कि उसके पास ऊपर लिखे हुए डाक्यूमेंट्स उपलब्ध होना जरूरी है

कितना होम लोन मिल सकता है

Aapko Kitna home loan Milega yah is Aadhar per taiyar hota hai ki aapane pure Sal Mein Kitni income ki hai aur aapka Faisla kaun sa loan chal raha hai

मैंने अभी रिसेंटली ओवरसीज बैंक में होम लोन के लिए अप्लाई किया हुआ है जहां पर लोन ऑफिसर ने बताया हुआ है कि आप की जितनी इनकम है उसका 50% EMI banegi

कहने का मतलब यह है कि अगर आपकी सैलरी 50000 है तो आपको महीने का ₹25000 - देना पड़ेगा तो इस तरीके से अगर आप इसे 20 साल से ले लेना चाहते हैं तो 25000 * 20 करना पड़ेगा

अलग-अलग बैंक के अलग-अलग रूप होते हैं कंडीशन अप्लाई

Rate of interest home loan per kitna hota hai?

रेट ऑफ इंटरेस्ट की बात की जाए तो यह अलग-अलग बैंक के लिए अलग-अलग होता है प्राइवेट बैंक में होम लोन का इंटरेस्ट 9:30 पर्सेंट से 10:30 पर्सेंट के बीच रहता है

government bank ki baat ki Jaaye To Yahi home loan 7% se 8% ke bich rahata hai.

kya home loan per subsidy prapt ho sakti hai

बिल्कुल होम लोन पर पीएम आवास योजना के तहत शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत तहत जितनी भी सब्सिडी है वह आपको प्राप्त हो सकती है मगर इसमें सब्सिडी के लिए बैंक के द्वारा अप्लाई करना पड़ता है जिसके लिए कम से कम दो-तीन साल लग जाते हैं मगर आपको पहले जो राशि दी गई है वह पूरा का पूरा भुगतान करना पड़ता है बाद में सब्सिडी के लिए अप्लाई करने पर जब भी सब्सिडी वापस आएगी वह आपको आपके खाते में मिलेगी

तो दोस्तों मैंने यहां पर होम लोन के बेसिक आइडिया को बारे में बताया है इसमें कुछ और डाक्यूमेंट्स भी लग सकते हैं जो कि अलग-अलग लोकेशन के अनुसार और अलग-अलग बैंक के अनुसार होता है



Magar yah sab documents jo ki main Upar bataya Hai yah Ek mandatory documents hai jo Har Bank aur Har location Mein Lagegi hi lagenge to agar aap bank loan ke liye apply karne Ja Rahe Hain To pahle uprokt documents ko collect kar le aur uske bad loan ke liye apply Karen isase aapka kam bahut hi Aasan ho jaega aur Kafi Sara Samay bhi bach jaega.

ब्लॉग क्या होता है और उसे ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं?

हाय दोस्तों ब्लॉग से पैसे कमाने का जरिया जितना आसान लगता है उतना आसान होता नहीं है वह बोलते हैं ना दूर के ढोल सुहावने होते हैं ठीक उसी प्रकार ब्लॉक से पैसे कमाना कठिन है मगर असंभव नहीं है

मैं नीचे कुछ विकल्प दे रहा हूं जिनका प्रयोग करके  आप पैसे कमा सकते हैं

ब्लॉग क्या है

Dosti Darshan blog Ek Tarah ka writing skill Hota Hai jo ki aap apni website per upload Karke a Logon Ko Apne knowledge share kar sakte hain jisse Logon Ko Kisi particular topic ke bare mein madad milati hai

ब्लॉक किसी भी विषय में लिखा जा सकता है जैसे कि साइंस हो गया जैसे कि जॉब से रिलेटेड हो गया हेल्थ किड्स यीशु सोशल इश्यूज किसी पर भी लिखा जा सकता है

ब्लॉक के लिए कहां रजिस्ट्रेशन करें

दोस्तों अगर आप ब्लॉगिंग करना चाह रहे हैं तो आपको वर्डप्रेस की एक वेबसाइट किया ब्लॉग स्पॉट पर ब्लॉग लिख सकते हैं

ब्लॉग लिखने के बाद कैसे कैसे पैसे कमाए जा सकते हैं


Adsens dwara- दोस्तों यदि आपको कंटेंट बहुत ही अच्छा है तो आप गूगल ऐडसेंस पर अप्लाई करके अपने कंटेंट को मोनेटाइज कर सकते हैं मोनेटाइजेशन करने के लिए आपको कम से कम 20 आर्टिकल प्रकाशित करना पड़ता है

जो भी आर्टिकल आप प्रकाशित करेंगे वह आर्टिकल कहीं से भी कॉपी पेस्ट किया हुआ नहीं होना चाहिए नहीं तो आपको ऐडसेंस का अप्रूवल नहीं मिलेगा

जो भी आर्टिकल आप लिखने जा रहे हैं उसके बारे में आपको अच्छा खासा नॉलेज होना चाहिए यदि आपको नॉलेज नहीं है तो आप दूसरी वेबसाइटों से रिसर्च करके उस पर एक यूनिक आर्टिकल लिखकर प्रकाशित कर सकते हैं मगर ध्यान रहे कि आर्टिकल डुप्लीकेट कंटेंट की श्रेणी में नहीं आना चाहिए

डुप्लीकेट कंटेंट चेकर टूल होता है उसका उपयोग करके आप चेक कर सकते हैं कि आपका कंटेंट डुप्लीकेट है या ओरिजिनल है

गूगल ऐडसेंस का अप्रूवल लेने के लिए आपकी वेबसाइट गूगल ऐडसेंस के नॉर्म्स और कंडीशंस को फॉलो करना चाहिए

एडल्ट कंटेंट और ऐसी सामग्री जो कि लोगों को नफरत फैलाने और सोशल मीडिया पर गलत प्रभाव डालने के मकसद से बनाई गई है ऐसे कंटेंट कभी ना डालें

गूगल एंड सेंस एक अच्छा सोच है जो आपको अच्छी खासी आदमी भी दे सकता है बशर्ते कि आपका कंटेंट यूनिक होना चाहिए

कंटेंट कम से कम 600 वर्ड का होना चाहिए या इससे भी ज्यादा ताकि जो भी आपके कंटेंट को पड़ रहा है उसे काफी अच्छा नॉलेज मिले और आपकी वेबसाइट पर बार-बार विजिट करें

Affiliate marketing se paise kamaye


Affiliate मार्केटिंग का मतलब होता है कि किसी दूसरे कंपनी के प्रोडक्ट को प्रमोट करना और उससे बदले में कुछ कमीशन मिलती है

आजकल ऑनलाइन शॉपिंग की होड़ सी लग गई है और लोग भाग कोई भी प्रोडक्ट खरीदने के पहले उसके रिव्यूस के बारे में और प्रोडक्ट कैसा है इसके बारे में जानने के लिए उत्साहित रहते हैं

बस आपको उस प्रोडक्ट जो कि बेस्ट सेलिंग है हाईएस्ट सेलिंग है उसके बारे में रिव्यूज देना है उसको नोट की अनबॉक्सिंग उस प्रोडक्ट के एमआरपी कास्ट्स प्रोडक्ट का यूज करने के बाद क्या फायदा होता है इन सब के बारे में आप पार्टिकल लिख सकते हैं

बड़ी बड़ी इ कॉमर्स कंपनी है जैसे कि अमेजॉन फ्लिपकार्ट स्नैपडील जैसी कंपनियां एफिलिएट मार्केटिंग का ऑप्शन देती हैंIne companiyon ke affiliate marketing ka registration karne ke bad Jis bhi product ka aap reviews dekhna Chahte Hain uski referral link ko generate kar sakte alag alag social media platform aapke YouTube channel aur aapke blocks mein Main ise प्रकाशित कर सकते हैं

जब भी कोई इस लिंग का प्रयोग करके परचेसिंग करता है तो ई-कॉमर्स कंपनियां उस पर कुछ कमीशन आपको देती है

Blogging karne se pahle Kuchh mahatvpurn jankariyan aapko Janna jaruri hai

SEO

Search Engine Optimisation technique दोस्तों अगर आप कोई ब्लॉग राइटिंग कर रहे हैं या कोई ब्लॉक लिख रहे हैं तो यह बहुत जरूरी होता है कि आपका जो भी कंटेंट है वह गूगल सर्च में टॉप टेन में आना जरूरी है
ऐसा करने से आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ेगा जितना ज्यादा ऑर्गेनिक ट्रेफिक आपके वेबसाइट पर आएगा आपको उतना ही ज्यादा ऐड रिवेन्यू होगा

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन उसके लिए कुछ टेक्निक बता रहा हूं यह बेसिक टेक्निक्स है एडवांस एस यू जानने के लिए आप मेरे से कांटेक्ट कर सकते हैं

How to choose keyword-

दोस्तों और जो भी आर्टिकल लिखने जा रहे हैं उसका जो कीवर्ड आपको चूज करना है वह कीवर्ड आपके साइड टाइटल आपके मेटा डिस्क्रिप्शन और आपके पैरा लिंक में होना जरूरी होता है

साइट टाइटल क्या होता है

जिस विषय पर आप आर्टिकल लिखने जा रहे हैं उसके लिए एक टाइटल चेंज करना पड़ता है उसे साइड टाइटल कहते हैं और एग्जांपल यदि आप वजन घटाने के ऊपर आर्टिकल लिख रहे हैं तो आपको उसका कुछ न को टाइटल देना पड़ेगा जैसे कि हाउ टो लूज वेट लूज योर वेट इन 15 मिनट लाइक दैट

मेटा डिस्क्रिप्शन क्या होता है?

जब आप गूगल पर किसी भी कीवर्ड के लिए सर्च करते हैं तो उसकी वर्ड से रिलेटेड वेरी आपको सर्च रिजल्ट में दिखाई देती है वही मेटा डिस्क्रिप्शन सोता है मेटा डिस्क्रिप्शन को एडिट करने के लिए आप रैंक math yoeast seo टूल का प्रयोग कर सकते हैं

minimum content criteria-

जिस विषय पर आप आर्टिकल लिख रहे हैं वह कम से कम 600 वर्ड या इससे भी ज्यादा होना आवश्यक होता है ताकि पढ़ने वाले को ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिले और वह आपकी वेबसाइट पर विजिट हो गूगल की जो सर्च एल्गोरिदम इस प्रकार से बनाई जाती है जब वह किसी पार्टिकुलर की वर्ल्ड के लिए सर्च करता है तो वह कीवर्ड पर्टिकुलर आर्टिकल में कितने बार आता है इसके ऊपर किस आधार पर गूगल उस पार्टिकुलर आर्टिकल्स को सर्च रिजल्ट में टॉप पोजीशंस पर राज करता है

कीवर्ड डेंसिटी क्या होता है

जिस पार्टी कूलर कीवर्ड का यूज करके आप आर्टिकल लिख रहे हैं उसकी वर्ल्ड का डेंसिटी कितना होना चाहिए यह एक बहुत जरूरी वर्क है
Keyword density =keywords appears per 100 word
प्रति 100 वार्ड में आपका कीवर्ड कितने बार आ रहा है यह उसकी कीवर्ड डेंसिटी को दर्शाता है और एग्जांपल के लिए अगर 100 वर्ड में आपका कीवर्ड दो बार आता है तो इसकी डेंसिटी दो होती है अगर तीन बार आ रहा है तो तीन होती है आपके कीवर्ड की डेंसिटी दो से 5 के बीच होनी जरूरी है

rich content

रिच कंटेंट का मतलब होता है कि आप अपने आर्टिकल्स में वीडियोस और पिक्चर्स का प्रयोग करके यूजर्स को समझाने में ज्यादा परिपक्व हो सकते हैं
आर्टिकल में कम से कम दो या चार पिक्चर ऐड कर देना चाहिए और उस पिक्चर्स का जो अल्टरनेटिव नेमस रहेगा उसमें कीवर्ड जरूर आना चाहिए

हेडिंग्स का यूज करना-

जब आप आर्टिकल से लिखते हैं तो अलग-अलग टाइटल्स देते हैं और उन टाइटल्स को आप अगर अलग से सो करवाना चाहते हैं तो उनको हेडिंग्स देनी पड़ती है जैसे कि H1,H2,H3,H4,H5,H6 headings.
आप जो कि word  यूज कर रहे हैं वह H2  H3 h4 हेडिंग्स में आना जरूरी होता है


दोस्तों ऊपर जो जो जानकारी मैंने दी है उसके अलावा भी बहुत सारी जानकारी है मगर यह अगर आप रिंग बेसिक जानकारियों का उपयोग करके ब्लॉग राइटिंग करते हैं तो आप जरूर इसमें सफलता प्राप्त कर सकते हैं मगर आपको पेशेंस रखना बहुत जरूरी है क्योंकि ब्लॉगर में आजकल कंपटीशन बहुत है इसलिए आपको सही आर्टिकल और यूनीक कंटेंट लिखकर ब्लॉगिंग में सक्सेस प्राप्त कर सकते हैं