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भारत में बहुत सारे इंजीनियर बेरोजगार क्यों हैं,उनकी बेरोजगारी दूर करने के क्या उपाय हैं?

ये इंजीनियर नहीं, सिर्फ डिग्री होल्डर हैं। गली गली में खुले इंजीनियरिंग कॉलेजों ने जम कर इंजीनियरों का उत्पादन किया है। किसी जमाने में इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश मिलना अपने आप में चुनौती होती थी, आज प्रवेश परीक्षा में आप कितने भी अंक लाएं किसी न किसी कॉलेज में प्रवेश मिल ही जायेगा।
विद्यार्थी कुंजियों के सहारे परीक्षा पास कर इंजीनियर बन रहे हैं तो कैसे आप उनसे योग्यता की उम्मीद कर सकते हैं। जब योग्यता नहीं है तो नियोक्ता किस गुण पर अपनी कंपनी में नियुक्ति देगा?

इन अधिकांश बेरोजगार इंजीनियरों को कार के टायर खोलने का बोल दो तो पाना किस दिशा में घूमना है इन्हे नहीं पता है, अब गर्वित बेरोजगार इंजीनियर कहेंगे की हमने cs में किया है ये हमारा काम नहीं है,

लेकिन भाई पहले साल में तो सारे विषय पढ़े, कोई बात नहीं cs के अनुसार कुछ कोडिंग कर के दिखा दे तो इनका खुद का ही टायर पंचर हो जाता है।

मुख्य बात ये है की आज इंजीनियरिंग सिर्फ डिग्री की पढ़ाई रह गई है, व्यवसायिक जानकारी और अनुभव की कमी स्वरोजगार से दूर करती है

और नौकरी मिलती नहीं है। डॉक्टर या ca कभी बेरोजगारी की बात नहीं करते, क्योंकि पढ़ाई पूरी होने के बाद अनिवार्य रूप से किसी भी संस्थान में कार्यानुभव के बिना आपको डिग्री नहीं मिलती तो अनुभव के साथ वे कुछ न कुछ काम कर ही लेते हैं।