रिनुअल एनर्जी में कैरियर की संभावनाएं और भविष्य में इस सेक्टर मैं कैरियर!

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तो दोस्तों आज के आर्टिकल में हम चर्चा करने वाले हैं रिनुअल एनर्जी सेक्टर्स में कैरियर मार्केट। इस में आने वाली जॉब अपॉर्चुनिटी और फ्यूचर में इसका क्या स्कोप है इन सब के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश करेंगे। दोस्तों आप लोग जानते हैं रिनुअल एनर्जी क्या होता है। अगर नहीं जानते तो बता देना चारों की रिनुअल एनर्जी सोर्स ऐसे शूट होते हैं, जिन्हें हम बार-बार भी जनरेट करके उनसे एनर्जी प्रोड्यूस कर सकते हैं।

बिजली जनरेट कर सकने इलेक्ट्रिसिटी जनरेट कर सकते हैं और यह जो सोर्सेस होतेा है, यह कभी भी खत्म नहीं होने वाले शो सोते हैं हमारे जो कन्वेंशनल सोर्स होते हैं जैसे कि कोयला और लिग्नाइट यह सब क्या है, एक सीमित मात्रा में कभी न कभी इनका इसको खत्म हो जाएगा और साथ ही साथ यह पर्यावरण को प्रदूषित करने हैं। इसलिए जो इंडियन गवर्नमेंट है रिनुअल एनर्जी सोर्स पर काफी ध्यान दे रही है। 2014 के बाद मोदी गवर्नमेंट आने के बाद इस पर जबरदस्त काम होता आ रहा है तो अब हम कुछ आंकड़े इकट्ठे किए हैं। अलग-अलग वेबसाइट।

से और अलग-अलग आर्टिकल से और उस आधार पर हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि जो रिनुअल एनर्जी सोर्स है वह किस तरह से मार्केट को उठा रहा है और इसमें? इंजीनियर स्कोर। किस तरह से जॉब ओप्पो 37र्ट सिटी मिल सकती है और साथ ही साथ यह जानने की कोशिश करेंगे कि हम किस तरह के कोर्स कर सकते हैं? रिनुअल एनर्जी में आने के लिए।

तो चलिए शुरुआत करते हैं।

दोस्तों आईबीएम डॉट ओआरजी की रिपोर्ट के अनुसार! इंडिया का जो रिनुअल एनर्जी सेक्टर है वह विश्व में चौथे नंबर पर सबसे ज्यादा अट्रैक्ट करने वाला एनर्जी मार्केट है इंडिया ने विंड एनर्जी में पांचवा स्थान सोलर एनर्जी में पांचवा और रिनुअल एनर्जी।

इंस्टॉलेशन कैपेसिटी में चौथा स्थान प्राप्त किया है जो कि 2019 की रिपोर्ट है और यह बढ़कर 2020 में और भी ऊपर आ गया है। पिछले कुछ सालों में रिनुअल एनर्जी जेनरेशन की कैपेसिटी काफी बढ़ गई है। गवर्नमेंट ने काफी सारे अपने इकोनॉमिक इंप्रूवमेंट के जरिए इस कैपेसिटी को बढ़ाया है।

और उसकी नई पॉलिसियों की वजह से काफी सारे इन्वेस्टर्स ऑफ इंडिया में इस सेक्टर में काम करने के लिए। अट्रैक्ट हो रहे हैं। इंडिया को अपने एनर्जी डिमांड को पूरा करने के लिए।

जो की अनुमानित 15820 13 वाट है। 2040 तक। रिनुअल एनर्जी की ही इसमें एक बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है। इंडियन गवर्नमेंट 227 गीगावॉट, रिनुअल एनर्जी, कैपेसिटी।

का टारगेट! 2022 तक। तय कर चुकी है। जिसमें से 114 गीगा वाट सोलर कैपेसिटी। 667 जी का वार्डट विंड कैपेसिटी। को अचीव कर लिया गया है।

और 2030 तक इसे बढ़ाकर 523 गीगावॉट करने की गवर्नमेंट की योजना है।

मार्केट साइज

फरवरी 2021 तक रिनुअल एनर्जी की कैपेसिटी लगभग 95 गीगावॉट थी दिसंबर 2019 में 15100 मेगावाट विंड पावर प्रोजेक्ट यीशु किए गए थे जिसमें से 12162 मेगा वाट कैपेसिटी के टेंडर अवार्ड कर दिए गए हैं फाइनेंसियल ईयर 2020 में भारत का रिनुअल एनर्जी पावर जनरेशन सोर्स 127 बिलियन यूनिट पहुंच गया

इन्वेस्टमेंट एंड डेवलपमेंट

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन आफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड की रिपोर्ट के अनुसार भारत में नॉन कन्वेंशनल एनर्जी सेक्टर में एफडीआई का मार्केट 9.83 billion-dollar तक पहुंच गया है जोकि अप्रैल 2000 से दिसंबर 2020 तक की रिपोर्ट के अनुसार है 2014 तक इंडिया में 2 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट रिनुअल एनर्जी सेक्टर में किया गया है और दो हजार अट्ठारह तक क्लीन एनर्जी के लिए 11 बिलियन यूएस डॉलर का इन्वेस्टमेंट और जुड़ गया है ब्रिटिश एनर्जी ब्रिटिश बिजनेस एनर्जी ने एक एनालिसिस की है जिसके अनुसार 2020 तक इंडिया ग्लोबली थर्ड रैंक पर आ गई है

तो चलिए अब बात करते हैं कुछ इन्वेस्टमेंट और डेवलपमेंट की जो कि इंडियन गवर्नमेंट द्वारा रिनुअल एनर्जी सेक्टर में किए गए हैं

अप्रैल 2021 तक सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने जेएसडब्ल्यू एनर्जी करचम वांगतू हाइड्रो प्रोजेक्ट प्लांट की कैपेसिटी को 1000 मेगावाट से बढ़ाकर 1091 मेगावाट करने का प्लान किया है

अप्रैल 2021 पर जी पावर इंडिया ने एनटीपीसी जी पावर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के 50% एक्विजिशन स्कोर 7.2 करोड़ में खरीद लिया है

एनटीपीसी ने रामागुंडम तेलंगाना में 447 मेगा वाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने का प्लान किया है जिसे 2022 तक कंप्लीट किया जाएगा

अदानी ग्रीन एनर्जी को हम कैसे भूल सकते हैं और अदानी ग्रीन एनर्जी ने 250 मेगावाट सोलर पावर प्रोजेक्ट जो कि राजस्थान में लगने वाला है उसके लिए लगभग 136 मिलियन यूएस डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया है

और भी बहुत सारे इन्वेस्टमेंट किए गए हैं जिसके बारे में जानकारी के लिए लिंक डिस्क्रिप्शन में दे दे रहा हूं वहां पर जाकर इसे आप देख सकते हैं

तो चलिए अब जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर गवर्नमेंट ने क्या-क्या इनीशिएटिव्स लिए हैं जिनकी वजह से रिनुअल एनर्जी सेक्टर इतना बूम हो रहा है

अप्रैल 2021 में सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी और सेंटर फॉर एनर्जी फाइनेंस ने मिलकर एक ऐसा डैशबोर्ड बनाया है जिसमें रिनुअल एनर्जी के जितने भी ऑपरेशनल प्रोजेक्ट है उसके बारे में जानकारी प्राप्त होगी

अप्रैल 2021 में मिनिस्ट्री ऑफ़ पावर ने नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2021 का एक ड्राफ्ट रिलीज किया है और इस ड्राफ्ट पर सजेशन लेने के लिए बहुत सारे स्टेकहोल्डर जैसे कि सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया पावर ट्रांसमिशन कंपनी फाइनेंसर इंस्टीट्यूट स्लाइड रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी एचडीएफसी बैंक आईसीआईसीआई बैंक इंडस्ट्रियल सोलर एंड विंड एसोसिएटेड स्टेट गवर्नमेंट जैसे इंस्टिट्यूट के साथ उनके सुझाव मांगे हैं

मार्च 2021 में यूनियन केबिनेट ने एक एमओयू प्रूफ कर दिया है जिसमें रिनुअल एनर्जी को लेकर इंडिया और फ्रांस रिपब्लिक के बीच में समझौता किया गया है

और भी बहुत सारी योजनाएं गवर्नमेंट द्वारा लाई गई है और बहुत सारे एमओयू साइन किए गए हैं और इंडियन गवर्नमेंट के द्वारा काफी सारे इनीशिएटिव्स लिए गए हैं जिसकी वजह से रिनुअल एनर्जी के सेक्टर्स में काफी पोस्ट आने वाला है और अगर आप उन सभी इन्हीं सिटी उसके बारे में जानकारी लेना चाह रहे हैं तो लिंक डिस्क्रिप्शन में दे दिया गया है आगे आने वाले कुछ सालों में इंडियन गवर्नमेंट ने 5000 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट को सेट अप करने के लिए योजना बनाई है जिसे 2023 तक पूरा किया जाना है और 2022 तक 227 गीगावॉट और 114 गीगा वाट का प्लान किया गया है
2040 तक ऐसी बेटियों के बारे में रिसर्च किया जा रहा है जो कि ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी को स्टोर कर सके और सोलर एनर्जी की कॉस्ट को 66% तक कम कर सकें अगर इसी स्पीड से रिनुअल एनर्जी सोर्स से इलेक्ट्रिसिटी जनरेट होती रहेगी तो 2030 तक इंडिया लगभग 54000 करोड रुपए की सेविंग कर सकती है

इंडियन गवर्नमेंट अब ग्रीन सिटी योजना पर काम कर रही है ग्रीन सिटी इस प्रकार की कॉलोनी होगी जिनमें एनवायरमेंट फ्रेंडली पावर जो कि सोलर रूफटॉप सिस्टम के द्वारा जनरेट की जाएगी को डेवलप किया जाएगा

तो चलिए अब जान लेते हैं उन प्राइवेट प्लेयर्स की जो इंडिया में सबसे ज्यादा रिनुअल एनर्जी में काम कर रहे हैं

टाटा पावर सोलर

टाटा पावर सोलर टाटा ग्रुप का एक पार्ट है जिसने इंडिया में काफी सारे इंटीग्रेटेड सोलर पावर प्लांट लगा दिए हैं टाटा सोलर पावर के पास तीन सेपरेट बिजनेस सेगमेंट है जिसमें वह मैन्युफैक्चरिंग भी कर रहा है सोलर सेल्स की मॉड्यूस भी है इंजीनियरिंग से प्रोक्योरमेंट है और कंस्ट्रक्शंस भी है

सुजलॉन एनर्जी
सुजलॉन एनर्जी इंडिया का एक लीडिंग रिनुअल एनर्जी कंपनी है और यह ज्यादातर विंड एनर्जी प्रोजेक्ट पर काम करता है इसकी खासियत यह है कि इसके डिजाइन डेवलपमेंट मैन्युफैक्चरिंग विंड टरबाइन जनरेटर में इसे महारत हासिल है इसके अलावा इसकी कुछ एलाइड सर्विसेज भी है इसकी जो प्रजेंट है ऑल ओवर द वर्ल्ड है और इसके पास विंड एनर्जी की जबरदस्त टेक्नोलॉजी है

रिन्यू पावर यह अपने आप में एक इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर है और यह नॉन कन्वेंशनल एनर्जी सोर्स से इलेक्ट्रिसिटी जनरेट संत की कैपेसिटी रखता है और यह अपनी पावर को स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और काफी सारे इंडस्ट्रियल कंपनी स्कोर सेल करता है 2011 में इसकी स्थापना हुई थी और इसमें 2012 से अपने प्रोजेक्ट चालू कर दिए थे

तो चलिए आप बात करते हैं रिनुअल एनर्जी में जॉब अप्रेंटिस की जॉब ऑफिस की जॉब अपॉर्चुनिटी की

Naukri.com पर अगर रिनुअल एनर्जी से रिलेटेड जॉब सर्च की जाए तो पिछले 1 महीने में लगभग 10348 रिनुअल एनर्जी से रिलेटेड जॉब पोस्ट की गई है मतलब कहना चाहिए कि यह एक अच्छा सेक्टर है और हर महीने इसमें 5000 से 10000 के बीच एंप्लॉयमेंट जनरेट हो रहा है

सैलरी किस तरह से मिलती है अगर सैलरी की बात की जाए तो रिनुअल सेक्टर में इंजीनियर स्कोर जिसका अनुभव 4 साल का है 500000 से 900000 के बीच पैकेज मिल सकता है वहीं अगर 5 से 10 साल के बीच अनुभव है तो छह लाख से 800000 के बीच जो की कंपनी से कंपनी वेरी करता है यह सब रिपोर्ट naukri.com के आधार पर ली गई है

अब बात आती है कि हम रिनुअल एनर्जी सेक्टर में कहां पर कोर्स कर सकते हैं इसके लिए कितनी फीस लगती है उसके बारे में जानकारी लेंगे

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी- इस इंस्टिट्यूट के द्वारा सोलर रिनुअल एनर्जी में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा दिया जाता है जिसका उद्देश्य रिनुअल एनर्जी में आने वाले यीशु और उसके सॉल्यूशंस को प्रोवाइड करवाना होता है यह कोर्स मार्केट की डिमांड के अनुसार बनाया गया है इस कोर्स को सीकर अलग-अलग इंडस्ट्रीज में एनर्जी यूटिलिटीज कंसलटिंग कंसलटेंसी फर्म में काम कर सकते हैं इस कोर्स में एडवांस लेवल का स्किल सिखाया जाता है जिसमें डिजाइन इंस्टॉलेशन कमिश्निंग और काफी सारे ओंगोइंग प्रोजेक्ट भी करवाए जाते हैं

इस कोर्स के लिए बी बी टेक वाले अप्लाई कर सकते हैं या फिर फिजिक्स में और केमिस्ट्री में एमएससी करने वाले स्टूडेंट से अप्लाई कर सकते हैं इसके अलावा बैचलर डिग्री किसी भी रिकॉग्नाइज्ड यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल सार्क ग्रैजुएट स्टूडेंट्स अपीयरिंग फॉर द ईयर फाइनल ग्रेजुएशन एग्जाम वह भी अप्लाई कर सकते हैं और इसमें वर्किंग कैंडिडेट जोकि 16 सेक्टर और एनर्जी सेक्टर से जुड़े हुए हैं वह लोग भी अप्लाई कर सकते हैं इसमें एडमिशन दो फेस में होता है

इसकी फीस स्ट्रक्चर की बात की जाए तो लगभग यह कोर्स 74999 में उपलब्ध है
और ज्यादा जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

एनपीटीआई नेशनल पावर ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट यहां से भी आप पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा कोर्स इन रेनवाल एनर्जी एंड ग्रीड इंटरफेस टेक्नोलॉजी में सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं इस कोर्स का मकसद एनर्जी सेक्टर और एनर्जी एक्सचेंज सिस्टम बना कर साइंटिफिक ली और टेक्निकली मेन पावर को स्किल्ड बनाना है इस कोर्स की फीस 230000 है और 18 पर्सेंट जीएसटी लगती है अगर आप स्पॉन्सर्ड कैंडिडेट है तो 360010 18% जीएसटी में लगेगी इंटरनेशनल कैंडिडेट्स के लिए 20000 यूएस डॉलर प्लस प्लस 18 पर्सेंट जीएसटी लगती

इस कोर्स को अप्लाई करने के लिए बी बी टेक वाले जिनका 60% मार्क होता है इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स e&i मैकेनिकल पावर रेंजर रिंग्स और इस से रिलेटेड ब्रांच में वह लोग इस पर अप्लाई कर सकते हैं

तो दोस्तों मैंने एक काफी लंबा और विस्तार से रिनुअल एनर्जी के बारे में आपको बताया है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लग रही है तो प्लीज चैनल को सब्सक्राइब करें और कमेंट बॉक्स में अपने कमेंट पूछ सकते हैं धन्यवाद