E-tendering Kya Hota Hai ई टेंडर कैसे भरते हैं

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दोस्तों ई टेंडर को जानने से पहले आपको जाना पड़ेगा कि



टेंडर प्रोसेस क्या होता है

गवर्नमेंट द्वारा किसी भी कार्य को करवाने के लिए या किसी भी प्रकार के सामान की परचेसिंग या प्रोक्योरमेंट करने के लिए कुछ नियम और शर्तों के तहत डॉक्यूमेंट जारी किए जाते हैं जिसमें उस कार्य अथवा प्रोक्योरमेंट से संबंधित शर्तें कार्य का विवरण कार्य में लगने वाली लागत और ब्लॉक कॉन्टिटी या फिर आइटम दरें होती हैं और उन दलों के लिए कांट्रेक्टर या निविदा करता द्वारा रेट आमंत्रित किए जाते हैं इस पूरी प्रक्रिया को टेंडर प्रक्रिया कहते हैं

टेबल टेंडर क्या होता है?

Doston e-tendering kirae pahle table tandawa karte the table tender actually tender ki ek prakriya hai jo offline prakriya kahlati Hai is offline prakriya mein Jis bhi tender Ko aamantrit Kiya jata hai uske liye jitne bhi document Se vah Sab hard copy e yani ki physical form mein submit karna Hota Hai

ई टेंडर क्या होता है?

टेबल टेंडर के तरीकों को बदलने के लिए और उसकी कमियों को दूर करने के लिए भी टेंडर का आयोजन किया जाता है ई टेंडरिंग प्रक्रिया द्वारा जितने भी डाक्यूमेंट्स होते हैं जैसे कि आई एम डी फ्री क्वालिफिकेशन फाइनेंसियल बिल के डाक्यूमेंट्स अनुभव संबंधित डाक्यूमेंट्स और आईटीआर और वृत्त से संबंधित जितने भी डाक्यूमेंट्स है इन सभी को ऑनलाइन सबमिट करना होता है

ई टेंडर टेबल टेंडर से किस तरह से अच्छा है?


दोस्तों जब टेंडर टेबल टेंडर हुआ करते थे तो बहुत कम ही लोग स्टैंडर्ड में पार्टिसिपेट कर पाते थे और बाहर के लोग तो बिल्कुल भी पार्टिसिपेट नहीं कर पाते थे जो बहुत पुराने कांट्रेक्टर होते थे वह इंजीनियर और टेंडर इनवाइटिंग अथॉरिटी के साथ सांठगांठ करके टेंडर ले लेते थे और बाहर के लोगों को काम नहीं मिल पाता था

इन सब त्रुटि को दूर करने के लिए गवर्नमेंट द्वारा ई टेंडर लाया गया जिसमें कोई भी व्यक्ति को टेंडर के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है और वह कहीं से भी टेंडर को अप्लाई कर सकता है

ई टेंडर कैसे भरते हैं?

ई टेंडर में पार्टिसिपेट करने के लिए मैं आपको कुछ स्टेप्स बता रहे हैं इन स्टेप्स को फॉलो करके आप की टेंडर को भर सकते हैं

ई टेंडर डालने की प्रक्रिया

E-Procurement website per registration

दोस्तों आप के अलग-अलग राज्यों में alag alag e-Procurement websites hoti hain Jin per aapko registrations karna padta hai tab jakar aap aap use Raja ke jitne bhi Ee department Hai Uske tender ko Bhar sakte hain

एग्जांपल के लिए बताना चाहता हूं कि यदि आप मध्य प्रदेश में टेंडर लेना चाह रहे हैं तो आपको mpeprocure.gov.in
पर रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है
इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपके पास निम्नलिखित डाक्यूमेंट्स होना चाहिए

कांट्रेक्टर लाइसेंस की कॉपी
आधार कार्ड और पैन कार्ड
आपके फर्म का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जैसे कि जीएसटी सर्टिफिकेट और फॉर्म का लेटर हेड
लास्ट ईयर का इनकम टैक्स रिटर्न सर्टिफिकेट
Yadi aap ki Private Limited Company hai to aapko CIN  certificate Dena Padega

सी आई एन सर्टिफिकेट क्या होता है?

सी आई एन का फुल फॉर्म होता है सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉरपोरेशन जिसके तहत किसी भी कंपनी का रजिस्ट्रेशन किया जाता है

Uprokt Sabhi documents aap ko website par upload Karne padte hain Samay Samay per and documents ke requirement bhi update hoti rahti hai To Har Sal aapko Kuchh nai documents we update karne padh sakte hain

Yah Sabhi documents upload karne ke bad aapko use websites ko ek Sal Tak use karne ke liye Kuchh fees jama karni padati hai joki 500 Se Lekar 1000 ke bich hoti hai

जैसे ही आप रजिस्ट्रेशन फीस जमा करते हैं तो आपका 24 घंटे या फिर दो-तीन दिन में रजिस्ट्रेशंस नंबर और आईडी पासवर्ड आ जाता है फिर आप उसमें लॉगिन करके टेंडर के बारे में पूरी जानकारी लेकर संबंधित टेंडर को अप्लाई कर सकते हैं

रजिस्ट्रेशन करते वक्त आपको डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ती है

डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट क्या होता है?


Jis Tarah offline tender Mein jitne bhi document se uski authenticity ko proof karne ke liye company yah form ki yah proprietor ki seal signatures Lagate Hain jisse uski authenticity proof hoti hai theek Usi Prakar digital signatures bhi 1 authenticity proof karne ke liye device hota hai jo ki online 92 ment score co-opt aur decrypt karta hai aur iski authenticity ko proof karta hai bina iske aap koi bhi tender Nahin Dal sakte hain na hi koi aapke tender Mein chhedchhad kar sakta hai

डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट यूएसबी टोकन के अंदर प्रोग्रामिंग के जरिए मनाया जाता है इस डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट को आप अलग-अलग सर्टिफिकेट ऑफ ऑडी से मंगवा सकते हैं मैं कुछ नीचे डिजिटल सर्टिफिकेट फॉर किसके नाम बता रहा हूं जहां से आप डिजिटल सिग्नेचर बनवा सकते हैं

e mudra
TCS

Digital signature certificate banvane ke bad Jab aap tender may participate Karte Hain To sambandhit tender को खरीदने के लिए आपको कुछ राशि ऑनलाइन जमा करनी पड़ती है जिसे टेंडर फीस कहते हैं

टेंडर फीस जमा करने के बाद आपको आगे की कार्यवाही करनी पड़ती है जहां पर आपको उस टेंडर की नियम और शर्तों के अनुसार अलग-अलग डॉक्यूमेंट जैसे कि टेंडर फीस के डाक्यूमेंट्स ऑनलाइन एमडी के रिसिप्ट प्रीक्वालीफिकेशन के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स और फाइनेंसियल वेद को जमा करने के लिए बी ओ क्यू एक्सेल फॉर्मेट में अपलोड करना पड़ता है

Ine Sabhi documents ko upload karne ke liye Ye aap ko digital signature certificate ki avashyakta padati hai

Jab aap ine documents upload karte hain to digital signature certificate upload karne ke bad Inko authenticate karta hai aur Inko encrypt kar deta hai aur aapke documents authentic 5 Ho Jaate Hain

Ine subdocuments ko upload karne ke bad aapko bid submit karna padta hai

टेंडर सबमिशंस की लास्ट डेट के पहले पहले तक आप टेंडर को डरा कर सकते हैं या फिर टेंडर में कुछ एडिटिंग या अपडेट करना है जैसे कि डॉक्यूमेंट स्कोर पहले से जो अपलोड हुआ है उसे हटाकर नए डाक्यूमेंट्स डाले जा सकते हैं किंतु एक बार टेंडर की समय सीमा समाप्त होने के बाद आप उसमें कुछ भी नहीं कर सकते हैं

एक बार टेंडर जमा हो जाने के बाद आपके पास विद एक्नॉलेजमेंट फॉर्म जनरेट हो कर आ जाता है जो कि आपके रिफरेंस के यूज़ के लिए होता है

तो दोस्तों मैंने शुरुआत से लेकर अंत तक आपको पूरी प्रोसेस समझा दी है अगर फिर भी आपको कुछ समझ में नहीं आ रहा है तो कमेंट करके पूछ सकते हैं

Vaise tender process Jitna Aasan Lagta Hai utna Aasan Nahin hota hai ismein bahut Chhoti Chhoti Bari Kiya hoti hain jinki vajah se Hamara tender reject Ho Kar Hamari dhanrashi Ka nuksan Hota Hai