भारत के टॉप 10 प्रोजेक्ट जो बदल देंगे भारत को बनाएंगे सुपरपावर और विश्व गुरु

बुलेट ट्रेन


भारत ने जापान के साथ समझौता करने के बाद साल 2015 में मुंबई से अहमदाबाद के बीच जापानी तकनीक से बुलेट ट्रेन शुरू करने की घोषणा की थी फिर सितंबर 2017 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत भी कर दी गई थी अब इस परियोजना के 2023 तक तैयार होने की उम्मीद है की भारत की नेक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट साबित होने वाला है स्ट्रीम गिरफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा हो जहां भी अहमदाबाद से मुंबई के बीच बस का सफर 9 घंटे और ट्रेन का सफर 6 घंटे का है वहीं ये ट्रेन इस सफर को 2 घंटे 7 मिनट में पूरा कर देगी इस प्रोजेक्ट पे लगभग 25000 करोड़ की लागत होगी सरकार कहना है इस ट्रेन की सफलता के बाद भारत के बाकी शहरों में भी इसकी शुरुआत की?

भारतमाला परियोजना कार्यक्रम


दोस्तों ये परियोजना देश का ऐसा रूप बदल देगी की दूर से दिखाई देगा चार विकास हुआ 2018 से इस प्रोजेक्ट पर कम चल रहा है की परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास के लिए बनाए जा रही इस परियोजना में बंदरगाहों और सड़क राष्ट्रीय गलियां को बहुत ज्यादा बेहतर और आज के समय की जरूरत के अनुकूल बनाना और राष्ट्रीय जालौन को विकसित करना भी शामिल है इसका उद्देश्य है kanyakativity को बढ़ावा देना और मल धुलाई दरों में मदद करना इसमें 83000 किमी सड़कों का लक्ष्य रखा जाए इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए? हर दिन कम से कम 18 किमी पूरा करने का निर्णय लिया गया है?

5G


मोदी जी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंडियन मोबाइल कांग्रेस इवेंट में 5G की लॉन्चिंग करके! एक सुनता को शानदार उपलब्ध है पहले जहां हमारे देश को 2G और 3G के लिए भी देशों पर निर्भर रहना पड़ता था! फायर की सर्विस के साथ भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है? सबसे पहले! जी सर्विस उपलब्ध कराई जाए जिओ का दम है की वो साल 2022 के आखिर तक सभी बड़े शहरों में 5G सर्विस उपलब्ध कर देगी और साल 2023 तक पूरे देश में फाग की सर्विस शुरू हो जाएगी 5G प्राइस की कीमत 4G के मुकाबला 20 से 25 एफबी ज्यादा होगी जबकि स्पीड 10 गुना ज्यादा होगी! एंड के दौरान बिल्कुल साफ आवाज़ आएगी एक दो जीबी की मूवी को डाउनलोड होने में आज 10 20 सेकंड का समय लगेगा

वर्ल्ड लांगेस्ट इलेक्ट्रिक हाईवे


दोस्तों अब हमारे देश में इलेक्ट्रिक हाईवे बनने जा रहा है ये दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक हाईवे होगा इसके लंबाई लगभग 1300 किमी? एक्सप्रेसवे पर 350 किमी तक कम हो भी चुका है अभी आठ लें बनाए जा रहे हैं इनके अलावा चार लिन और बधाई जाएंगे दो जाने की और duvane की विचारों लें सिर्फ इलेक्ट्रिक रीगल के लिए होंगे पूरे रूट पर 92 स्थान पर इंटरवल स्पॉट डिवेलप किया जाएगा ये देश का पहला एक्सप्रेसवे होगा जिस पर डेडीकेटेड इलेक्ट्रिकल फोर लें होंगी सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया की एक्सप्रेसवे का कम जर्मनी 2023 तक पूरा हो जाएगा ये केवल समय ही नहीं बचाएगा बाकी प्रदूषण भी कम होगा इससे इस प्रोजेक्ट में लगभग लाख करोड़ में दुनिया का सबसे लंबा इलेक्ट्रिक हाईवे जो 109 किलोमीटर से अधिक लंबा अगर सरकार की योजना सरकार होती है तो भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक हाईवे होगा!

मुंबई तू दुबई अंडरसी ट्रेन प्रोजेक्ट


दोस्तों यह प्रोजेक्ट बेहद चौंकाने वाला है अबू धाबी ने आयोजित यूएई भारत कॉन्क्लेव के दौरान सामने आया है ये यूं ही पानी के नीचे 2000 किमी लंबा रेल मार्ग बनाने की योजना बना रहा है जो मुंबई को संयुक्त अरब अमीरात के पूज्य एरा शहर से छोड़िए खास बात हुई है ये अंडर सीट ट्रेन केवल दो घंटे में ही भारत के मुंबई शहर से यूएई के pujyara शहर तक पहुंचा देगी ये अंडर से नेटवर्क दोनों देशों से यात्रियों पर्यटकों श्रमिकों का ट्रांसपोर्ट करने के साथ-साथ नर्मदा नदी से यूएई में पानी सपोर्ट करेगा और यूएई से तेल अपने देश में इंपोर्ट करेगा इस प्रोजेक्ट के सफर होने से भविष्य में होने वाला एक्सपोर्टिंग और इंर्पोटिंग का जो कम है उसमें भी सुधार होगा

मुंबई रोड प्रोजेक्ट


मुंबई पोर्ट ट्रस्ट द्वारा शिवबाड़ी से एलिफेंटा तक समुद्री मार्ग पर लगभग 8 किलोमीटर का रोड पे बनाया जा रहा है जो दुनिया का सबसे बड़ा रोप होगा? कम समय में ज्यादा पर्यटक के एलिफेंटा की यात्रा कर सकेंगे इसमें 30 सीटर केवल कार्स होंगी लगभग 8 से 11 टावर यहां लगाया जाएंगे खास बात ये है की रूफ पे मुंबई से घर अपुरी के खिलाफ पहुंच सकेंगे जहां आज इस दूरी को नाम से तय करने में 1 घंटे का समय लगता है, इस प्रोजेक्ट पर लगभग 700 करोड़ खर्च होने का अनुमान है ये भारत का पहला रूप फिर प्रोजेक्ट होगा

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना


जल्दी दिल्ली में संसद भवन का नया रूप आपको देखने को मिलेगा दोस्तों इस परियोजना के लिए 14000 करोड़ का बजट में आधारित किया गया है? Gaisina पहाड़ी से इंडिया गेट तक एरिया को पुनर्जीवित किया जाएगा ऐसा कहा जा रहा है की राष्ट्रपति भवन और इंडिया के 120 3 किलोमीटर लंबे राजपथ को नए सुरक्षा इंतजाम को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा इसमें केंद्रीय सचिवालय और एक विशेष सुरक्षा समूह भगवान को भी शामिल किया गया इस परियोजना को लेकर वोट से सवाल उठा गए जा रहा है कहने लगे हुए 100 साल पुराने पेड़ों को हटाना और यहीं इतने खर्च के साथ बदलाव करना बिल्कुल भी सही नहीं है दोस्तों इस punarvigas के बाद दिल्ली के संसद भवन में कुछ बेहतरीन और स्टाइलिश बदलाव देखिए लेकिन अभी और भी बहुत सारे बदलाव होने वाले हैं आधा कम तो हो गया है तो उद्घाटन भी कर दी है बाकी जो कम बचा है वो कंप्लीट होगा उसे कम में पुरी तरीके से कंप्लीट हो जाएगा सेंट्रल प्रोजेक्ट!

वैन ब्रिज भारत का सबसे पहला फर्स्ट वर्टिकल लिफ्ट रेल सीट



तमिलनाडु में बनाया जाएगा इससे लंबाई 2.5 किमी होगी दोस्तों वैसे तो ये ब्रिज 2014 में ही बनाया जा चुका था लेकिन कुछ साल महीने टूट गया उसके बाद दोबारा से ठीक भी कराएगा मगर फिर सरकार ने सिखाया रूप देना चाहूंगा एक ऐसा ब्रिज जो दिखने में किसी आम ब्रिज जैसा ही है लेकिन जैसे की कोई नाम या कोई वाटर ट्रांसपोर्ट इसके नीचे से गुजरेगा ये ऊपर की तरफ उठ जाएगा और ऊपर जाकर दोनों तरफ 90 डिग्री के एंगल पर खुल जाएगा और दो भागों में जाएगा जब वो नव गुजर जाएगी तो दोबारा बंद होकर जुड़ जाएगा ये पुल इलेक्ट्रो मैकेनिकल सिस्टम पर चलेगा जो ट्रेन कंट्रोल सिस्टम के साथ टर्नर बिठाकर कम करेगा


किन बेतवा रिवर लिंक प्रोजेक्ट



दोस्तों ये परियोजना भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है? नेशनल पर्सपेक्टिव प्लान के अंतर्गत पहला रिवर इंटरलॉकिंग प्रोजेक्ट है इसमें उत्तर प्रदेश की किन नदी से मध्य प्रदेश के बेतवा रिवर में पानी ट्रांसफर किया जाएगा ये दोनों ही नदियां यमुना नदी की सहायक नदियां इस मेगा प्रोजेक्ट के फेस वैन में दौधन बंद परिसर और उससे जुड़ी इकाइयां जैसे निम्न स्टार की सुरंग उच्च स्टार की सुरंग किन बेतवा लिंक नहर परियोजना और बिजली संयंत्र का निर्माण शामिल है फेज तू में लोअर ओनर दम बिना परिसर प्रोजेक्ट और कोठा बैराज को रखा गया है इसमें 10.61 तक वार्षिक सिंचाई की जा सकेगी 62 लाख आबादी को पीने का पानी प्रोवाइड किया जा सकेगा इससे 103 मेगा अवार्ड जल विद्युत ऊर्जा बनाई जा सके और 27 मेगा अवॉर्ड्स और बिजली की बनाया जा सकेंगे ऐसी कुलो लागत 4465 करोड़!

प्रोजेक्ट हिमांक


दोस्तों यह है अब तक का बेस्ट प्रोजेक्ट भारत के नहीं बल्कि पूरे वर्ल्ड का बेस्ट प्रोजेक्ट इसे बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने 1985 में शुरू किया था इतना? टाइम ये आपको नीचे दुनिया की पहली मोटर है जो ग्लेशियरों में जा रही है ये सड़क पूर्वी लता में सार्सेना से सा शेर तक बनाए जा रही है ऐसी जगह में ठंड के अलावा इन बर्फीली लाखों में हिमस्खलन का भी खाता हमेशा बना रहता है मौसम की वजह से इसे पूरा करना बहुत मुश्किलों से भरा रहा है की भारत के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है दोस्तों क्यों सही कहा ना तो बताइए आपको कौन सी परियोजना सबसे बेस्ट लगी जहां आप इन परियोजनाओं के बारे में पहले से जानते द अगर जानते द तो कमेंट करके जरूर बताइएगा तो भारत के इस बदलते स्वरूप को देखकर अगर आपको भी अपने भारत पर गर्व हो रहा है तो इस वीडियो को शेयर करें फेसबुक पर व्हाट्सएप पर यूट्यूब पर गर्लफ्रेंड? और आप देखना शुरू कर चुके हैं आग के टॉप टेन तो चलिए दोस्तों अब देर ना करते हैं वीडियो की तरफ चलते हैं और जानते हैं

भारत के 10 सबसे बड़े रेलवे मेगा प्रोजेक्ट के बारे में


नंबर 1- 100% इलेक्ट्रिफिकेशन


हालांकि शुरुआती दौर में जब ट्रेन भारत की पुत्री पर दौड़ती थी उसे वक्त हिस्ट्री मिल जाए फिर जैसे-जैसे वक्त बन्ना फिर डीजल इंजन का उसे किया जाने लगा क्योंकि उसे वक्त हमारे पास electified पोर्शन बहुत ही कम हुआ करता था जिस तरह से हमें पूरे भारत में डीजल इंजन चलाना पड़ा लेकिन अब भारत में जितने भी ब्रॉड गैस ट्रैक है उन सब का इलेक्ट्रिफिकेशन का टारगेट 2023 तक रखा गया है दरअसल इलेक्ट्रिसिटी से भारत को तीन तरह के फायदे होंगे जिसमें सबसे पहला फायदा तो ये हुआ की डीजल से चलने वाले इंजन बहुत ही ज्यादा पॉल्यूशन करती है जिससे हमारे एनवायरनमेंट को बहुत बड़ा खतरा है इसलिए अगर इलेक्ट्रिफिकेशन होगा तो पॉल्यूशन नहीं होगा वहीं दूसरा सबसे बड़ा फायदा ये है की डीजल इंजन की वजह से पूरे साल में तेल की खपत होती है और सिर्फ चलने के लिए उसे खपत ही नहीं होती कई? छोटी-मोटे स्टेशंस पर लगातार भारतीय रेल को वैक्यूम करके जब गलत! कैसे चैन पुलिंग करके उसे रोक दिया जाता है यानी पिछले साल के रेलवे बजट के हिसाब से देखें तो इन डीजल इंजनों से पूरे साल कई, हजार करोड़ का घटा लगता है, जिस वजह से रेलवे के अनुमान के हिसाब से अगर एक बार 100% इलेक्ट्रिफिकेशन हो गया तो उसके बाद सरकार लगभग 14566 करोड़ हर साल बहुत ही आसानी से बचा सकती है साथ ही वो इन पैसे को रेलवे के दूसरे विकास कार्यों में लगा सकती है और तीसरा और सबसे बड़ा फायदा ये होगा की अगर भारतीय रहे पुरी तरीके से 100% इलेक्ट्रिफिकेशन हो गई तो भारतीय रेलवे ट्रेनों को चलाने में लगने वाली एनर्जी के लिए भारत को किसी पर भी निर्भर नहीं होना पड़ेगा यानी जो इस वक्त भारत को दूसरे देशों से कच्चे तेल खरीदने पड़ते हैं उसको बहुत ही कम मात्रा में खरीदना पड़ेगा!


डेवलपमेंट वैसे आज के समय में किसी भारतीय सेवा छुपी नहीं है की रेलवे स्टेशन का हाल कैसा होता है, भारत में ये बात तो आप सबको अच्छे से पता ही होगी रेलवे ट्रैक से लेकर रेलवे स्टेशन तक हर जगह आपको सिर्फ कचरा दिखाई देता है हान ये बात बहुत हद तक अब सच है की सेशन की हालत पिछले कुछ सालों से लगातार ठीक हो रही है लेकिन सुधरी अभी भी नहीं है इसलिए अभी हाल ही में भारत सरकार

रेलवे स्टेशन रेड डेवलपमेंट मिशन


लेकर लिए taslis मिशन के अंदर सरकार ने फैसला किया है की वो स्टेशन को फर्स्ट क्लास बनाएगी अभी के मौजूदा एग्जांपल के तौर पे आप हबीबगंज का रेलवे स्टेशन ले लीजिए जहां पर आपको फर्स्ट क्लास फैसिलिटी प्रोवाइड कराई जाती है क्योंकि हबीबगंज स्टेशन को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है की अंदर जाने वाली यात्री और ट्रेनों से उतरकर बाहर निकलने वाले यात्री एक दूसरे से नहीं टकराएंगे गजल दूसरे शहरों से हबीबगंज पहुंचने वाले यात्री ट्रेन से उतरेंगे और अंडर ग्राउंड सबवे से बाहर निकल जाएंगे और आपको बता दें की स्टेशन पर एक साथ 11 यात्री के बैठने की व्यवस्था भी कराई गई है और इतना ही नहीं स्टेशन पर! साफ-सुथरे इसी वेटिंग! तो 150 टेराबाइट के सर पर एक महीने तक स्टोर किया जाता है जिससे आप समझ गए होंगे की ये स्टेशन को कितना हाई क्लास बनाया गया है और यही प्रोजेक्ट आने वाले समय में यानी से यही सारी फैसेलिटीज लगभग भारत के सभी रेलवे स्टेशन पर जल्दी देखने को मिलेगी जिसे अभी फिलहाल तीन फीस में बनता गया है ग्रेड वैन ग्रेड बी और ग्रेड सी में

डेडीकेटेड फ्राइड कॉरिडोर


सबसे पहले तो हम आपको इस वर्ड के मतलब के बारे में समझते हैं मतलब आपकी जानकारी के लिए बता देगी डेडीकेटेड फ्राइड को ऑर्डर का मतलब ऐसी रेल लाइन से जिसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ malgadiyon के आवाज़ आई की नहीं किया जाएगा मतलब मौजूदा प्रोजेक्ट के अनुसार हमारे देश में ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्राइड कॉरिडोर बनाया जा रहा है जिसकी कुल लंबाई 3000 किलोमीटर होगी और आपको बता देगी इसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ malgadiyon को ले जाने के लिए ही होगा यानी सीधी भाषा में अगर आपको बताए तो मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन का रूट बिल्कुल अलग कर दिया जाएगा यानी पटरी भी बिल्कुल अलग कर दी जाएगी यानी जिस रूट पर मालगाड़ी चलेगी उसे रूट पे पैसेंजर ट्रेंस नहीं चलेंगे क्योंकि शायद आपको ये बात पता नहीं! लेकिन आप जो भी डिवेलप कंट्रीज है उन्होंने भी डेडीकेटेड फ्राइड कॉरिडोर को तैयार कराया हुआ है हालांकि उन कंट्रीज ने आज से लगभग 30 से 40 साल पहले अपने पूरे देश में इस कॉरिडोर को तैयार कर लिया है, फिलहाल भारत अभी थोड़ा सा उनके पीछे है वैसे फिलहाल आपको भी लग रहा होगा की इससे आंखें ऐसा क्या हो जाएगा तुम आपको जल्दी से थोड़ा सा बताते हैं देखिए अभी जिस ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन चलती है उन्हें ट्रैक पर मालगाड़ी भी चलती है जिसकी वजह से मालगाड़ी की स्पीड कम हो जाती है जिससे हो सकता है की आपको फर्क ना पद रहा हूं लेकिन स्पीड कम होती है तो किसी भी जगह ट्रांसपोर्टेशन में वक्त ज्यादा लगता है, और वक्त के साथ-साथ इंदन भी ज्यादा खर्च होता है, जिससे उसे कई, बार ऐसा होता है की जो समान जब पहुंचना होता है, उससे काफी ढीले हो जाता है और कई, बार मालगाड़ी में ऐसे गुड्स होते हैं जो देरी की वजह से खराब होने लग जाते हैं जिसमें ज्यादा गिफ्फें गुड्स होते हैं और इसी को सुधारने के लिए भारत ने भी डिवेलप कंट्रीज की तरफ डेडीकेटेड फ्राइड कॉरिडोर बनाने का मिशन बना है और माना जा रहा है अगले साल जून 2023 तक ये पुरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा यानी 2023 तक इस कम को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया? पर कंप्लीट करना बिल्कुल भी पॉसिबल नहीं सरकार ऐसा इसलिए कर रही है क्योंकि आईसीएफ कोच के मुकाबला एलएचबी कोच ज्यादा सेफ होते हैं और ये कोच सिर्फ ही नहीं होते बल्कि ये को ज्यादा रफ्तार से पैदा होने वाले झटका को सहने में भी काफी ज्यादा सक्षम होते हैं इतना ही नहीं आईसीएफ कोच के स्लीपर क्लास में 72 सीट होती है जबकि ऐसी थ्री क्लास में मदार 64 सीट के मौजूद होती है लेकिन आईसीएफ कोच के मुकाबला एलएसबी कोच ज्यादा लंबे होते हैं और यही कारण है की इसके सिलिपर में 80 सी और थर्ड एक कोच में 72 सीट होते हैं यानी अगली बार जब आप ट्रेन में सफर कर रहे हो तो आप ये बात नोटिस जरूर कीजिएगा की आप एलएचबी कोच में सफर कर रहे हैं या आईसीएफ में अगर आप एलएसबी कोच में सफर कर रहे हैं तो आप ज्यादा सुरक्षित हैं वैसे दोस्तों आप में से किस चीज ने एलएचबी कोच में अभी तक सफर कर लिया आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा और साथ ही यह भी बताइएगा की क्या उसको सचमुच आईसीएफ कोच के मुकाबला कम झटका लगते हैं?

मिशन रफ्तार


नाम से ही आप समझ गए होंगे की इस मिशन में होना क्या है दरअसल इस मिशन के जरिए सरकार ट्रेन की रफ्तार को बढ़ाना चाहती है हालांकि अब आपके दिमाग में ये सवाल ए रहा होगा की आखिर सरकार ऐसा क्या करने वाली है तो दोस्तों आपने देखा होगा की अब लगभग सभी ट्रेनों की आपको एलएचबी कोच देखने को मिल रहे होंगे क्योंकि वही ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है जो फुल्ली ऐसी हो और इसलिए सरकार इन चीजों को भी बहुत तेजी से कम कर रही है फिलहाल मतलब इनफेक्ट स्ट्रक्चर को सुधारते हुए 418 ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 110 से बड़ा कर अब ₹160 किमी प्रति घंटे कर दिया गया है अब सिर्फ 224 ट्रेन ऐसी रह गई है जिनकी स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक की है और माना जा रहा है की 2024 से पहले उन 224 ट्रेनों को भी एलएचबी कोच में कन्वर्ट करके उनकी भी रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक ही कर दी जाएगी

वंदे भारत एक्सप्रेस मिशन


इस मिशन के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा क्योंकि भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर खास ध्यान दिया है वैसे फिलहाल अभी हमारे देश में दो बंद! भारत एक्सप्रेस ट्रेन चल रही है जिसमें पहली ट्रेन चलाई गई है दिल्ली से वाराणसी तक के लिए तो दूसरी दिल्ली से कटरा तक के लिए लेकिन जो पूरे भारत में अभी सिर्फ दो ट्रेन चल रही है वो आने वाले टाइम में आपको 500 से भी ज्यादा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन देखने को मिलेगी ये एक ऐसी हाई स्पीड ट्रेन है जिसमें सोलापुर है जो सेल्फ प्रोपेल्ड है मतलब आपको बता देगी वंदे भारत एक ऐसी ट्रेन है जिसे इंजन की आवश्यकता नहीं होती है इसे डिसटीब्युटेड एक्शन पावर सिस्टम के रूप से जाना जाता है जिस तरह से आपको स्पीड सेफ्टी से लेकर सारी फैसले सब कुछ एक ही ट्रेन में बहुत ही आसानी से मिल जाता है और सरकार का प्लान है की 2030 तक पूरे भारत में कम से कम 500 बंदे भारत ट्रेन चलाई जाए फिलहाल सरकार का 2025 तक सबसे पहला लक्ष्य शॉर्ट ड्रीम चलाने का? नंबर चार बुलेट ट्रेन कॉरिडोर हाल ही में रेलवे ने nhrsl का गठन किया है जिसके जरिए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने का कम चल रहा है वैसा आपको बता दें की ये अभी मुंबई से अहमदाबाद के बीच बनाई जा रही है दरअसल यह करीब 508 किमी लंबी है वैसे आपकी जानकारी के लिए बता देगी गुजरात में इस प्रोजेक्ट के रिलेटेड कम भी शुरू कर दिया गया है और अभी की मौजूदा रेल मंत्री द्वारा ये भी आश्वासन दिया जा रहा है की इसका कम 2024 तक पूरा हो जाएगा हालांकि आपको बता देगी सिर्फ गुजराती नहीं बल्कि महाराष्ट्र में भी अभी प्रोजेक्ट के तहत! धीरे-धीरे टेंडर और लौट किए जा रहे हैं इसका मतलब ये है की आप कुछ दिनों में महाराष्ट्र में भी कम शुरू होने वाला है यानी पहली बुलेट ट्रेन महाराज से अहमदाबाद तक चलने वाली है हालांकि दोस्तों मुंबई या गुजरात से जो हमारी इस वीडियो को देख रहे हैं वो ये बात हमें जरूर बताइएगा क्या सचमुच इस प्रोजेक्ट पे कम चल रहा है या अभी भी एक अफवाह बनी पड़ी हुई है? तू ले रेलवे लाइन आपकी जानकारी के लिए बता देगी ये रेलवे लाइन 498 किमी लंबी होगी और इस रेलवे प्रोजेक्ट हमने अपनी सूची में
तीसरे नंबर पे इसलिए रखकर चूंकि ये भारत की नहीं बल्कि

दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे लाइन


में से है दरअसल ये रेलवे लाइन हिमाचल के बिलासपुर से लेकर ले तक बनाई जाएगी इसको बनाने में काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पद रहा है क्योंकि यहां पर ठंड की वजह से कई, बार इतनी ज्यादा बर्फबारी हो जाती है की इन जगह से भारत का कनेक्शन ही कट जाता है यानी उसे पर अब बारी के दौरान भारत के सिर्फ कुछ राज्य के इस कनेक्ट नहीं होते बल्कि आपको बता देगी ले भारत का एक बॉर्डर भी है जिस वजह से भारतीय सैनिक को भी इस डिस्कनेक्टिविटी की वजह से काफी दिक्कत होगा सामना करना पड़ता है शायद इसीलिए ये रेलवे लाइन सरकार के साथ-साथ सैनिकों के लिए भी काफी हम माना जा रहा है जिसका पूरा होना जल्दी से जल्दी काफी ज्यादा जरूरी है क्योंकि इसके पूरा होते भारत के राज्य से रिलेटेड डिस्कनेक्टिविटी हो जाती है वो होनी बिल्कुल ही बंद हो जाएगी नंबर दो जम्मू बारामूला रेलवे लाइन हो सकता है शायद आप कोई बात बताना? को बता देगी जम्मू बारामूला रेल लाइन भारत के लिए एक मिल का पत्थर साबित होने वाला है क्योंकि सर्दी और बरसात के मौसम में अक्सर बर्फबारी के चलते कश्मीर का सड़क मार्ग से संपर्क टूट जाता है जिस वजह से कश्मीर और भारत! के इस कनेक्टिविटी ए जाती है जिस वजह से इसका खामियाजा शुरुआत के लोकल लोगों ने भुगतना पड़ता बल्कि आपको पता ही होगा की कश्मीर भारत का एक मुख्य बॉर्डर है जहां से डिस्कनेक्टिविटी आने के कारण सर्दियों के दौरान और खराब मौसम में हमारी बटली है और आर्मी को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन दोस्तों जम्मू बारामूला रेल लाइन के तैयार होने के बाद कश्मीर पूरे देश से वर्ष भर तक जुड़ा रहेगा यानी चाहे आंधी आए चाहे तूफान आए या चाहे जितनी भी बर्फबारी हो जाए इस रेल लाइन के बनने के बाद भारत और कश्मीर कभी भी डिस्कनेक्टिविटी नहीं आएगी जो की 2072 किलोमीटर लंबा बन रहा है जिसमें से ये रेल लाइन भारत के लिए एक मिल का पत्थर साबित होने वाला है?

  हाइपरलूप ट्रेन


हम में से बहुत लोग घर! से देश में नौकरी या कारोबार करते हैं जिस धारण! कभी-कभी। ऐसा होता है की हमने कभी-कभी अचानक से ऐसा कम ए जाता है जहां हमें बहुत जल्दी पहुंचना होता है, हालांकि ऐसे में हम सबसे जल्दी पहुंचने का साधन फिलहाल तो हवा ही जांच को मानते हैं क्योंकि अभी के मौजूदा दौर में हवाई जहाज से हम उसे जगह समय से पहुंच जाते हैं लेकिन हम आपको एक ऐसे साधन के बारे में बताने वाले हैं जो हवाई जहाज से भी तेज चलता है जी हान दोस्तों हम बात कर रहे हैं फ्यूचर में चलने वाले हाइपरलूप ट्रेन के बारे में 10 साल आपको बता देगी इस हाइपरलूप ट्रेन की स्पीड लगभग 1200 से लेकर 1300 किलोमीटर प्रति घंटे की है हालांकि कुछ लोग अभी एक सपना लग रहा होगा लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता देगी महाराष्ट्र में तो इसका कम भी शुरू कर दिया गया है और इसे सबसे पहले महाराष्ट्र से पुणे के लिए चला जाएगा हालांकि इस प्रोजेक्ट को कंप्लीट होने में अभी लगभग! यह प्रोजेक्ट पूरा होगा उससे हमारी अर्थव्यवस्था तो सुधरेगा साथ ही साथ हम टेक्नोलॉजी के मामले में भी काफी आगे निकल जाएंगे यानी इस ट्रेन के आने के बाद काफी लोग प्लेन का सफर ना करके हाइपरलूप ट्रेन का सफर करेंगे

वैसे दोस्तों आपको इन 10 में से कौन सा प्रोजेक्ट सबसे बेहतरीन लगा भारत की आप हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा तो दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको हमारी आज की ये वीडियो काफी पसंद आई होगी जिसके लिए एक लाइक तो बनता है खैर दोस्तों ऐसी और बेहतरीन वीडियो को देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर करलें तो फिर मिलते हैं एक और ऐसी बेहतरीन वीडियो के साथ जय हिंद जय भारत!


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