why civil engineer is underpaid in india ?

आखिर क्यों हो रहा है गूगल और अमेजन जैसी बड़ी टेक कंपनियों में छटनी ?

गूगल ने जो एम्पलाइज हैं उनको फायर करना स्टार्ट कर दिया है देखिए इंपॉर्टेंट इसलिए हो जाता है क्योंकि ये जो टैग कंपनी हैं वो बड़ी मात्रा में लोगों को जॉब प्रोवाइड करते हैं और ऑफिस से बात है आपने देखा होगा की भारत के कई, सारे लोग उस जाते हैं भारत से भी कम करते हैं इन कंपनी के लिए तो यहां पर जब लेयर ऑफ होगा जब इतने सारे लोग कम करते हैं तो लॉ ऑफ बड़े पैमाने पर होता है, और उसका बड़ा इंपैक्ट आपको भारत के ऊपर भी देखने को मिलेगा इस तरह की भी खबर आप देख रहे होंगे की कभी 16 साल से किसी कोई व्यक्ति कम कर रहा था गूगल में उसके उसको अचानक से निकल दिया आठ महीने की प्रेग्नेंट उस के अंदर महिला थी उसको यहां से एक हफ्ते पहले जब वो मैटरनिटी लीव द थी उसके पहले गूगल ने फायर कर दिया है तो इनफेक्ट इनफेक्ट मेरे पर्सनली भी अगर आप देखोगे तो यहां पर जो कजन है मेरी उन वो अमेज़न में कम कर रही थी और बहुत मेहनत करती थी और अचानक से यहां पर खबर आता है की अमेज़न ने उनको भी यहां पर फायर कर दिया तो बड़े पैमाने पर ये फायरिंग चल रही है और ये आप देख सकते हो बताया जा रहा है की 2023 में सोच के देखिए 2023 में जो जनवरी का महीना अभी तक बिता है!

अन्य बेसिस पर लगभग 3000 से ज्यादा जो टैग एम्पलाइज हैं उनकी नौकरियां जारी हैं तो एक बड़ा संकट

शुरुआत करते हैं और सबसे पहले देखते हैं एक्जेक्टली अभी हो क्या रहा है देखिए जो ग्लोबल इकोनॉमी है 2023 का उसको लेकर हमने ऑलरेडी देखा है जो अलग-अलग ऑर्गेनाइजेशन से उन्होंने कहा है की कोई? टास्क में बहुत अच्छा साल! और इसी की वजह से कई, सारे जो टैक्स फॉर्म्स हैं जो बड़े-बड़े प्लेयर्स हैं गूगल फेसबुक गूगल बड़े पैमाने पर अपने स्टाफ को ले ऑफ कर रहे हैं इंफिनिटी आप देख सकते हो माइक्रोसॉफ्ट ट्विटर फेसबुक जो की कंपनी है मेहता उनके द्वारा ऑलरेडी अनाउंस किया गया था की वो लोग ले ऑफ करेंगे लेकिन फ्राइडे को अभी दो दिन पहले गूगल?

कंपनी अल्फाबेट ने एक बड़ा अनाउंसमेंट कर दिया की वो भी इस लॉस के अंदर जुड़े हैं और बड़े पैमाने पर नौकरियां जाएंगी और! मतलब ऑलरेडी बड़े-बड़े कंपनी तो फायर कर रहे द लेकिन गूगल में चीज लग रही थी शायद ठीक हो जाए यहां पर ले ऑफ नहीं होगा लेकिन यहां पर भी ले ऑफ कास्ट कार्यक्रम स्टार्ट कर दिया गया है और मैं अगर आपको थोड़ा सा आंकड़ा बताऊं तो 2022 जो पिछला साल गया था उसमें 1.5 लाख टेक कंपनी टेक कंपनी के जो वर्कर्स हैं उनको फायर किया गया था जो आपसे निकाला गया था और वही जो!

है वह 2030 में भी जारी है और बताया जा रहा है जैसे मैंने आपसे कहा था की यहां पर जो बड़ी-बड़ी कंपनी निकल रही हैं नौकरियां से लोगों को? 3000 एम्पलाइज डेली बेसिस पर जनवरी के महीने में इस साल जनवरी के महीने में डेली बेसिस पर निकले जा रहे हैं और अभी तक बताया जा रहा है की 65000 लोगों की नौकरियां ऑलरेडी जा चुके हैं सोच के देखिए 2022 में टोटल डेढ़ लाख लोगों की नौकरी ए गई थी और अभी तो जनवरी का महीना पूरा नहीं हुआ है इस साल ऑलरेडी 65000 लोगों को निकाला जा चुका है तो ये 2030!

का वर्ष कैसा होगा इसी से आपको यहां पर अंदाजा लग सकता है इन फैक्ट आप देख सकते हो जो लेटेस्ट अनाउंसमेंट किया गया है इसी साल अमेज़न ने कहा है की 18000 लोगों को निकल रहे हैं अल्फाबेट जो गूगल है 12000 मेटा जो फेसबुक है 11000 माइक्रोसॉफ्ट एचपी ट्विटर! ट्विटर का तो आपको हाल पता ही है यहां पर किस तरह से अचानक से लोगों को निकाला गया था ये सभी? कंपनियों लोगों की? सारे जो इट प्रोफेशनल्स हैं वो उस के अंदर जाकर नौकरी करते हैं तो एक्चुअली होता क्या है की जब वो वहां पर जाते हैं नौकरी करते हैं तो वो बेसिकली ज्यादा?

H1b वीजा और L1 वीजा के माध्यम से कम करने जाते हैं मतलब? जैन नौकरी ले लें या फिर वो वापस भारत ए जाए तो प्रॉब्लम ये हो रहा है की बहुत सारे जो इंडियन से जो वहां पर गए द वो अब नौकरी नहीं मिल रही है तो अब उनको मजबूरन! भाग पद रहा है और बेसिकली मैं आपको बताऊं तो जितनी नौकरियां जा रही हैं उसने छे 30 से 40% सोचे देखिए ये इंडियन की नौकरियां आपको देखने को मिलेगा तो भारत!

भी बहुत इंपॉर्टेंट सवाल ये होने वाला है लेकिन अब क्वेश्चन ये है की? यहां पर जिस तरीके से आईएमएफ हो गया वर्ल्ड बैंक हो गया इनके जो इकोनॉमिस्ट हैं उन्होंने! साफ-साफ बोल दिया है की 2030 में लगभग 1/3 कंट्रीज रजिस्ट्रेशन में चली जाएंगी और ध्यान रखिएगा, जब भी रिसेशन होता है तो उसका मतलब क्या हुआ रिसेशन का मतलब ये हुआ की यहां पर एंप्लॉयमेंट जाना रिसेशन का मतलब ये हुआ की डिमांड में कमी आना डिमांड में कमी आएगा तो लोग परचेज नहीं करेंगे कंपनी को प्रॉफिट नहीं होगा तो इसी को ध्यान में रखते हुए ये जो कंपनी हैं यहां पर वो अपने आप को प्रेस कर रही हैं और लोगों को नौकरियां से निकल रही हैं ताकि वो अपने कंपनी को profftable में रख सकें कई?

प्रॉमिस ने बिलीव किया है की 2023 से बहुत डिफिकल्ट ईयर होने वाला है जो पेस्ट ऑफ ग्रोथ है वो काफी हद तक स्लो हो जाएगा! इन फैक्ट फॉर फोरम की मीटिंग हुई थी उसमें! कई उन्होंने भी वैसा ही कुछ ना कुछ कहा है और कहा है की यूनाइटेड स्टेटस से लेकर यूरोप? के अंदर जाएगा फिर नेक्स्ट जो कारण है वो है आपका वीक कंज्यूमर डिमांड देखो 2022 के शुरुआत से ही जबसे एक साल!

एक साल होने को ए गया लगभग जो रूस यूक्रेन का अवार्ड स्टार्ट हुआ था तो उसके! स्टार्ट देखोगे तो हाई इन्फ्लेशन देखने को मिल रहा था बहुत ज्यादा इन्फ्लेशन था! शायद था उसकी वजह से प्राइसेस इतने ज्यादा बढ़ गए द चाहे कोई भी एक इकोनॉमी आप ले लो उस यूके इंडिया जापान यूरोपीय यूनियन? भाषण कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स इसी वजह से आरबीआई को एक इमरजेंसी मीटिंग बुलानी पड़ी थी और उन्होंने एक रिपोर्ट भेजा था भारत सरकार को क्या सरकार वो क्या?

यहां पर इसकी वजह से इन्फेक्शन को कंट्रोल में लाया जाए फिर! इसके इस लॉकडाउन! था उन्हें देखा किस तरह से इस लौटना आया था रजिस्ट्रेशन में चली गई थी दुनिया फिर वापस से इंप्रूवमेंट हुआ लेकिन 2022 में जैसे रूस यूक्रेन का अवार्ड स्टार्ट हुआ? Behtars और ज्यादा शब्द होते चले गए ऐसा लग रहा था चीज ठीक हो जाएंगी लेकिन जिओ पॉलिटिकल प्राइसेस की वजह से चीज और ज्यादा अभी समय खराब हो चुकी हैं?

अब इन सारे चीजों में होता क्या है की जो सेंट्रल बैंक से दुनिया भर में वह रैपिड रेड हाइक करना स्टार्ट कर देते हैं और 2022 के स्टार्टिंग से आप देखोगे जितने भी सेंट्रल बैंक्स हैं? अब फेडरल रिज़र्व से लेकर हर कोई जो इंटरेस्ट रेट जीरो के आसपास हुआ करता था 0% आज वो 3% 2.5% इतना पहुंच गया है देखो डिवेलप! करो रेपो रेट लगभग 4% के आसपास बना हुआ था लेकिन? अब कभी 50 मैसेज पॉइंट कभी 25 में से पॉइंट और आज!

इतनी 6% से भी ज्यादा रेपो रेट हो गया मतलब इंटरेस्ट रेट लगातार बढ़ता जा रहा है और एवं दो वर्ल्ड बैंक ने! कहा की हमें इन्फ्लेशन को कंट्रोल करना है प्राइस इतना ज्यादा हाई हो गया था जिसकी वजह से आपको पता ही है की जब भी इन्फ्लेशन बढ़ता है तो रेपो रेट इंक्रीस होता है, वही किया गया यहां पर यहां पर जान मुझमें पर? कंट्री आपको रिसेशन में धकेल रही है क्यों क्योंकि में कारण है प्राइस राइज और प्राइस राइज कई कारण की वजह से जो पॉलिटिकल टेंशन मैंने आपको बताया क्रूड का प्राइस बढ़ाना?

तो ये सारी चीज हमें देखने को मिल रही थी फिर इसके! क्या होता है अंदर? क्या और मेजर दिए क्योंकि गूगल के अंदर यहां पर एक फंड मैनेजमेंट है टिक फंड मैनेजमेंट उन्होंने आज अर्थ किया गूगल को बोला? वो परफॉर्मेंस सही नहीं है? आप इन सेट करना होगा सबको टारगेट देंगें एम्पलाइज को यहां पर आप जो कर! चा उसको कमी लाओ यहां पर बोला ये?

की 2017 से गूगल हर! साइंस नौकरियां मतलब जितना भी एमपी! लिस फाग हो रहा था 2017 से! इसके ऊपर खर्चा करना पड़ता है फूड देना होता है, सैलरी देनी होती बहुत सारा खर्चा आता है तो वो जो खर्चा है उसमें कमी लाई जाए तो जब इन्वेस्टर्स! का कंपनी है वो मास ले ऑफ कर रही हैं फिर इसके? साथ खुद गूगल ने! एक बायोटेक यूनिट है उन्होंने भी 15% स्टाफ कम करने का निर्णय लिया है तो?

ये सब कुछ आपको देखने को मिलेगा अब लास्ट में!

मिशन यह है की जो मैंने आपको बताया ये रीजंस वगैरा बता दिए तो आपको समझ में ए रहा होगा? की जो रिसेशन का दर है ना दोस्तों वो उस के अंदर स्पेशली आप देखोगे तो बाकी कई, सेक्टर में चाहे आप रिटेल सेक्टर फाइनेंशियल सेक्टर हेल्थ केयर हो गया! कई देखने को मिलेगा जैसे? गोल्ड जनवरी को की वो कॉस्ट कटिंग करने के लिए आराम! उनकी नौ!

जा सकती हैं दे आर बिलॉन्गिंग तू बैंकिंग एंड ग्लोबल मार्केट! डिवीज़न ये सब कुछ दिख रहा है और ये तो छोड़िए आप क्रिप्टो करेंसी की बात करिए?

अभी आपको याद होगा रिसेंटली वर्ल्ड का सबसे बड़ा जो एक्सचेंज था क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज एफटीएक्स वैन ऑफ डी टॉप लीडिंग में आता था वो फैल होने के बाद लगभग 950 कंपनियों ए गई थी उसके बाद लगातार वहां पर भी जो नौकरियां हैं criptog करेंसी एक्सचेंज के अंदर वो भी आपको कटिंग में देखने को मिलेगा तो! लैब रस्सी मास्क लॉस किए जा रहे हैं उसका कारण क्या था भारत के ऊपर क्या असर है ये सब कुछ आपको समझ में ए गया होगा और जाने से पहले एक इंटरेस्टिंग क्वेश्चन क्या बता सकते हैं की?

कौन सा देश है इनमें से कौन सा देश है अभी खस्ता लार्जेस्ट? इन डी ग्लोबल! सर्विस सोर्सिंग इंडस्ट्री! होता है, इनमें से किस देश? का सर आप

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